कुख्यात नक्सली व भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर नवल भुइयां ने किया सरेंडर

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : सुरक्षा बलों के लिए आज का दिन काफी खास रहा. एक ऐसे कुख्यात नक्सली को मुख्य धारा से जोड़ा है, जो पिछले 20 सालों से प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के लिए काम कर रहा था. वो कई बार खूनी वारदातों को अंजाम दे चुका था. कई बार पहाड़ और घने जंगलों के बीच सुरक्षा बलों से उसकी मुठभेड़ हो चुकी थी. सुरक्षा बलों की गोलियों सेे वो बच निकलता था. लेकिन अब उस कुख्यात नक्सली ने सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की बात को न सिर्फ माना, बल्कि समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के लिए खुद आगे आया. इस कुख्यात नक्सली का नाम नवल भुइयां उर्फ अर्जुन है. जो गया जिले के जगतपुर का रहने वाला है.

शुक्रवार को इस कुख्यात नक्सली ने सुरक्षा बलों के सामने खुद को सरेंडर कर दिया. इसके लिए लिए गया में एक बड़े समारोह का आयोन किया गया. इस मौके पर खुद मगध रेंज के आईजी राकेश राठी, सीआरपीएफ पटना रेंज के डीआईजी संजय कुमार, गया के डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, औरंगाबाद के एसपी सुधीर कुमार पोरिका और सीआरपीएफ 159 बटालियन के कमांडेंट निशीत कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे.



इन अधिकारियों के सामने खुद को सरेंडर करने वाला नवल भुइयां वर्तमान में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर था. साल 2000 में ये नक्सली संगठन से जुड़ा था.  अब तक इसने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया. पिछले साल ही इसने गया के बांके बाजार थाना के तहत सोनदाहा में मीडिल स्कूल को बम ब्लास्ट कर उड़ा दिया था.

छकरबंधा के जंगलों में इसी नक्सली के साथ सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सब इंस्पेक्टर रौशन कुमार शहीद हो गए थे. 2016 में इसी नक्सली ने देव रोड में आईआईडी ब्लास्ट कर बाइक सहित सीआरपीएफ कोबरा जवान को उड़ा दिया है. कुख्यात नवल भुइयां के उपर कुल 47 नक्सल मामले दर्ज हैं. इसमें सबसे अधिक 38 मामले औरंगाबाद और 9 मामले गया जिले में दर्ज है. इस नक्सली ने खुद से हिंसा का रास्ता छोड़ने और समाज की मुख्य धारा से जुड़ने की इच्छा जताई. खुद से सीआरपीएफ के अधिकारियों को कांटैक्ट किया. इसके बाद सीआरपीएफ ने पॉजिटिव रिस्पांस दिया. जिसका रिजल्ट अब सबके सामने है.