‘ओमिक्रॉन किसी को नहीं छोड़ेगा, इसलिए सबको मार दिया’-डॉक्टर ने पूरे परिवार की हत्या कर यह लिखा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : ओमिक्रॉन का डर कहें या डिप्रेशन, लेकिन एक डॉक्टर ने पूरे परिवार को मार डाला. गोली मारकर सबों की हत्या कर दी. यह दर्दनाक वाकया यूपी के कानपुर का है. डॉ सुशील कुमार ने पूरे परिवार को काफी निर्दयता से हत्या कर दी. पत्नी और बेटे-बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस को तीनों के शव मिल गए हैं. घटना से इलाके में सनसनी मच गई है.

डॉक्टर ने घर में एक नोट भी छोड़ा है. घटनास्थल से बरामद नोट पर हत्यारे डॉक्टर ने लिखा है- ‘कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद अब और लाशें नहीं गिननी हैं. ये सबको मार डालेगा.’ हत्यारे डॉक्टर ने नोट में भी ये भी लिखा है कि उसे कोविड रिलेटेड डिप्रेशन है. घटना के बाद डॉक्टर फरार हो गया है. उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से बरामट नोट की जांच की जा रही है. हालांकि, कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने यह कदम कोरोना के डिप्रेशन और ओमिक्रॉन की दहशत की वजह से उठाया है. जुड़वां भाई सुनील की मानें तो डॉ. सुशील कुछ समय से डिप्रेशन में थे. उधर, मृतकों में 48 वर्षीय पत्नी चंद्रप्रभा, 18 बेटा शिखर तथा 16 साल की बेटी खुशी शामिल हैं. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. ड्रिप्रेशन के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है.

डॉ. सुशील कुमार ने घटना के बाद जुड़वां भाई सुनील को मैसेज किया था. इसमें लिखा कि पुलिस को इंफार्म करो, मैंने डिप्रेशन में हत्या कर दी है. मैसेज पढ़ने के बाद सुनील उनके घर पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा तुड़वाया गया. अंदर पहुंचे तो उन्हें चंद्रप्रभा, शिखर और खुशी की लाशें मिलीं. पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने पहले पत्नी के सिर पर किसी भारी चीज से हमला किया था. डॉक्टर ने नोट में और भी बातें लिखी हैं.

बता दें कि डॉ सुशील कुमार रामा मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक विभाग के एचओडी हैं. वे कानपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे हैं. 15 साल पहले उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की थी. हालांकि, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डीएन त्रिपाठी की मानें तो घटना के दो दिन पहले ही उनकी मुलाकात डॉ सुशील से हुई थी, लेकिन मिलकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वह इस तरह की घटना को अंजाम देगा. इस घटना से हर कोई हतप्रभ है.