चुनाव चिन्ह बदले जाने पर पप्पू यादव ने कहा – यह भाजपा की चाल है

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव की पार्टी को केंद्रीय चुनाव आयोग ने नया चुनाव चिन्ह दिया है. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जाप पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘कैंची’ होगा. चुनाव चिन्ह बदले जाने पर पप्पू यादव ने कहा कि यह भाजपा की चाल है. भाजपा बिहार चुनाव को किसी भी तरह से जीतना चाहती है. जाप की लोकप्रियता से यह सरकार डर गई है. इस कारण भाजपा ने चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर हमारे चुनाव चिन्ह को बदलवाया है. भाजपा के द्वारा रचित इस साजिश का जवाब जनता “कैंची” से देगी. उन्होंने कहा कि हमारा नए चुनाव चिन्ह कैंची से हर हाथ को काम मिलेगा और भ्रष्टाचारियों व अपराधियों का खात्मा भी होगा.


पप्पू यादव ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार को बचाने के लिए लालू यादव आगे आएं. इस बार बिहार के लोगों को आपसे बड़ी उम्मीदें हैं. आपके निर्णय की ओर पूरा बिहार देख रहा है. बिहार को बचाने हेतु जन अधिकार पार्टी बिना शर्त समर्थन देने को तैयार है. कांग्रेस से भी हमारी अपील है कि पार्टी रामविलास पासवान से बात कर महागठबंधन के कुनबे को विस्तार दे. जनता इस तनाशाही सरकार से मुक्ति चाहती हैं. इसके लिए अगर जरूरत पड़े तो आन्ध्र और तमिलनाडू की तर्ज पर सभी वर्गों से एक-एक उपमुख्यमंत्री तथा मुख्यमंत्री पद पर एक दलित या अतिपिछडा व्यक्ति हो.



जाप सुप्रीमो ने कहा कि हम सबको मिलजुल कर बिहार को बचाने की जरूरत है, वरना जनता हमें माफ़ नहीं करेगी. पटना एम्स आज तक ठीक से नहीं बन पाया है और प्रधानमंत्री नया एम्स बनाने की घोषणा करते हैं. वे हर दिन नई-नई घोषणाएं भर करते हैं, लेकिन बिहार कि जनता झांसे में नहीं आने वाली. निर्वाचन आयोग को प्रधानमंत्री के द्वारा की जा रही झूठी घोषणाओं पर अविलम्ब रोक लगाना चाहिए.


रघुवंश बाबू को लेकर की जा रही राजनीति पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मौकापरस्त राजनीतिक दलों को इससे बाज़ आना चाहिए. किसी भी भ्रष्टाचारी व आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को टिकट नहीं देना ही रघुवंश बाबू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. जन अधिकार पार्टी किसी भी भ्रष्टाचारी और अपराधी को टिकट नहीं देगी. इस मौके पर प्रेमचंद सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष राघवेन्द्र कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू, प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश लालू, राजू दानवीर आदि उपस्थित थे.