दिवाली पर बाल कैदियों संग न्याधीश मानवेन्द्र और SDJM आदित्य ने बांटी खुशीयां

लाइव सिटीज. सेंट्रल डेस्क: बिहार के कई घर बाल कैदियों द्वारा बनाए गए कैंडल से रोशन होंगे.बिहार के बिहारशरीफ स्थित बाल पर्यवेक्षण गृह के बाल कैदियों ने अपने हाथो से आपके घरों के अंधेरे को दूर करने और रोशन करने के लिए कैंडल बनाए हैं. आपको बता दे कि यहां के बाल कैदियों के स्किल डेवलपमेंट को लेकर उन्हे कैंडल बनाने और झोला सिलने का प्रशिक्षण दिया गया था. अब इनका ये स्किल जल्द मार्केट में भी दिखने लगेगा.जल्द ही इन बच्चों द्वारा बनाए गए कैंडल्स बजारों में बिकते दिखेंगे.

बिहारशरीफ पर्यवेक्षण गृह के बाल कैदियों ने अपने हाथों से  तैयार किए हैं कैंडल

बिहारशरीफ के पर्यवेक्षण गृह के बाद कैदियों ने अपने हाथों से कैंडल तैयार किए है. इन बाल कैदियों के पुनर्वास को लेकर स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी गई है. इस ट्रेनिग की बदौलत इन बाल कैदियों ने कपड़ और झोला सिलने के साथ ही कैंडल बनाना सीखा है. जानकारी के अनुसार बिहारशरीफ के पर्यवेक्षण गृह के इन बाद कैदियों ने कुल 4 कार्टून कैंडल तैयार किया है.

न्यायधीश मानवेन्द्र मिश्रा ने खरीद लिए सारे कैंडल 

जानकारी के अनुसार इन बच्चो के द्वारा बनाए गए कैंडल की बजार में तो ब्रिकी नहीं हो सकी है. वहीं इन बाद कैदियों द्वारा बनाए गए कैंडलों की एक प्रदर्शनी पावापुरी महोत्सव में भी लगाने की थी. लेकिन स्टॉल नही मिलने के कारण ये कैंडल वहां प्रदर्शित नहीं किए जा सके. इन सब से निराश कैदियों के लिए खुशी का पल तब आया जब औचक निरीक्षण पर पर्ववेक्षण गृह में किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायधीश मानवेन्द्र मिश्रा अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे.उनके साथ एसडीजेएम आदित्य पाण्डेय भी मौजूद रहे.

इन दोनो ने यहां के बाल कैदियों द्वारा बनाए गए कैंडल्स को देखा और उसी समय सारे कैंडल खरीद लिए. दोनो ने बच्चों द्वारा बनाए गए कैंडल से प्रभावित हुए और बच्चो की खूब बड़ाई की. दोनो पदाधिकारियों ने कहा की इन बच्चों ने जो कैंडल बनाया है वो सबसे अलग है. इन कैंडल्स में बने स्टैण्ड इसे इस साइज के कैंडल से अलग बनाते हैं. उन्होंने इन बच्चों द्वारा बनाई गई कैंडल्स को बजार में भी उतारने को लेकर बात कही.

न्यायधीश मानवेन्द्र मिश्रा ने बच्चो की जमकर तारीफ़ की

बच्चों द्वारा बनाई गई कैंडल ही नहीं बल्कि इनके द्वारा सिले गए कपड़े और झोलों से भी प्रभावित हुए हैं. वहीं उन्होंने ​कच्चो द्वारा बनाई कैंडल खरीद दीपावली पर उनके लिए खर्च का इंतजाम कर दिया है. इस निरीक्षण के दौरान प्रधान बाल न्यायधीश मानवेन्द्र मिश्रा दे बच्चों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों ने आत्मीयता दिखाई है और अपनी बातों को खुल कर सामने रखा. उन्होने कहा कि बच्चों ने उनसे रिक्वेस्ट किया कि वे फिर से उनसे मिलने जरूर आएं.

बच्चो से मिलने पहुंचे बाल किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायधीश मानवेन्द्र मिश्रा ने कहा कि बच्चों की ओर से खाने को लेकर कुछ शिकायते मिली हैं. जिसे लेकर यहां के सहायक निदेशक को उचित निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यहां पर बच्चों का घर की तरह ख्याल रखा जा रहा है. वही बच्चो के विकास के लिए उनके पढ़ाई के साथ-साथ हेल्थ पर भी खासा ध्याान दिया जा रहा है.

डस्टबीन भी बना रहें हैं बाल कैदी

इस पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चे अपने उपयोग के लिए कुट और गत्ते से ही डस्टबीन भी बनाते हैं.बता दे कि इन बच्चों को इस काम में और प्रोत्यसाहित करने के लिए जलद ही इनके क्षरा बनाए गए डस्टबीन को कार्यालयों में लगाया जाएगा.

मछली पालन भी करते हैं बच्चे

बाल कैदी गृह में रहनेवाले बच्चे यहा के परिसर में बने दो तलाबो में मछली पालन का भी काम कर रहे हैं. बच्चो द्वारा किए जा रहे मछली का पालन उनके ही भोजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वहीं परिसर के इन तलाबों का निर्माण भी इन्हीं बच्चों ने हीं किया है.

About Sahul Pandey 686 Articles
Hii Iam sahul pandey , working as sub editor in LiveCities.in . I love to write and Anchoring.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*