पितृपक्ष पर गया में पसरा सन्नाटा, नहीं आए एक भी श्रद्धालु, पंडा समाज खुद कर रहा पूजा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: गया के सुप्रसिद्ध पितृपक्ष मेले भले ही आयोजन ना किया गया हो लेकिन यहां के पंडा समाज ने पूजा को अनदेखी नहीं किया है. सदियों से चली आ रही परंपरा को पूरी आस्था, श्रद्धा व विश्वास के साथ निर्वहन करने के लिए पंडा समाज एक बार फिर आगे बढ़ा है. पंडा समाज खुद ही त्रिपाक्षिक श्राद्ध यानि 17 दिनी का पिंडदान करेगा.

यानी 1 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक चलने वाली पूजा की सारी परंपरा पंडा समाज ही निभाएगा. गयावाल पंडों की माने तो कोरोना के कारण पितृपक्ष मेला में कर्मकांड के लिए एक भी यजमान नहीं आए हैं. प्रशासनिक निर्देश के बाद पंडों ने भी यजमान को आने से मना कर दिया है.



कोरोना के कारण इस बार मोक्ष नगरी गया का पितृपक्ष मेला स्थगित कर दिया गया है. पंडा समाज के विरोध के कारण पर्यटन विभाग ने अपने पूर्व घोषित ऑनलाइन पिंडदान को लेकर भी चुप्पी साध ली है.

इस बार गयाजी की प्राचीन परंपरा बाधित हुई है. धार्मिक अनुष्ठान पर ग्रहण लग गया है. चूंकि प्रशासन से अनुमति नहीं मिली, लिहाजा कर्मकांड के लिए श्रद्धालुओं के आगमन की इच्छा पूरी नहीं हुई.