ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं पप्पू यादव, देखते ही देखते सोशल मीडिया पर ढाई लाख के पार पहुंच गया #ReleasePappuYadav

लाइव सिटीज, लाइव सिटीज : जाप सुप्रीमो पप्पू यादव आज कुछ अधिक ही सुर्खियों में हैं. आज सुबह-सुबह पटना पुलिस ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया है. इसके बाद से पप्पू यादव के समर्थन में खुलकर लोग आ रहे हैं. सियासी गलियारे से लेकर सोशल मीडिया तक में उन्हें रिहा करने की मांग उठने लगी है. ट्विटर तो पप्पू यादव की रिहाई ट्रेंड कर रहा है. देखते ही देखते #ReleasePappuYadav ढाई लाख के पार पहुंच गया. और यह लगातार कई घंटों से नंबर वन पर बना हुआ है.

दरअसल, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को आज सुबह मंदिरी स्थित आवास से गांधी मैदान की पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके पहले उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया था. पुलिस ने पप्पू यादव पर कोरोना गाइडलाइन तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पटना कोतवाली डीएसपी समेत पांच थानों के थानेदार उनके मंदिरी स्थित आवास पर पहुंचे थे. पुलिस को लग रहा था कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी का जबर्दस्त विरोध होगा. वहीं हाउस अरेस्टिंग को लेकर पप्पू ने पुलिस को आश्वासन दिया कि कोरोना के दौर में वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे. उन्होंने इसकी लिखित कॉपी भी कोतवाली डीएसपी को सौंपी. इसके बाद भी गांधी मैदान की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

इधर, जापउ सुप्रीमो पप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सियासी गलियारे से लेकर सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई की मांग उठने लगी. देखते ही देखते ट्विटर पर #ReleasePappuYadav ट्रेंड करने लगा. दोपहर साढ़े तीन बजे ढाई लाख से अधिक लोगों ने रिलीज पप्पू यादव को हैशटैग करते हुए उनकी रिहाई की मांग की. कोई यूजर उन्हें हीरो बता रहा है तो कोई मसीहा कह रहा है और कोई देवता. यहां तक की नीतीश सरकार में शामिल एनडीए के दो महत्वपूर्ण घटक दल हम और वीआइपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी और मुकेश सहनी ने खुलकर पप्पू यादव की गिरफ्तारी का विरोध किया है. मुकेश सहनी तो अभी बिहार सरकार में मंत्री के पद पर काबिज हैं.

गौरतलब है कि जिस समय पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया था, उस समय वे अपने समर्थकों के साथ बैठे हुए थे. कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए वे अपने समर्थकों के साथ रणनीति बना रहे थे. किन-किन इलाकों में जाएंगे और किस-किस अस्पताल में जाएंगे, इस पर मंथन चल रहा था. तभी उनके आवास पर पुलिस आ धमकी. गौरतलब है कि पांच दिन पहले यानी 7 मई को पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ सारण पहुंच गए थे और बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के आवास पर ढंक कर रखे गए दर्जनों एंबुलेंस की पोल खोल दी थी. इसके बाद से वे बीजेपी के निशाने पर आ गए थे. लोग एंबुलेंस मामले से ही पप्पू यादव की गिरफ्तारी को जोड़कर देख रहे हैं.