सिटी एसपी सेंट्रल को सौंपी गई जिम्मेवारी, BSEB में ठगी मामले में जारी है छापेमारी

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प्रतीकात्मक फोटो

पटना : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) में कंप्यूटर आॅपरेटर की नौकरी के नाम पर ठगी का मामला ऐसे ही नहीं सुलझने वाला है. क्योंकि ठगी के इस मामले के पीछे शातिर ठगों का एक रैकेट होने की संभावना है. भले ही जांच के लिए सामने में एक मोबाइल नंबर और एक बैंक अकाउंट हो. लेकिन इसे ट्रेस करते हुए पटना पुलिस शातिर ठगों के एक बड़े रैकेट को पकड़ सकती है. इस मामले की गंभीरता को एसएसपी मनु महाराज भी अच्छे से समझते हैं. इसलिए उन्होंने इस मामले की प्रोपर जांच और शातिरों की गिरफ्तारी का जिम्मा पटना के सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दापीनेनी को सौंप दी है.

सिटी एसपी सेंट्रल के लीडरशिप में एक स्पेशल टीम ही बना दी गई है. जो बीएसईबी में नौकरी के नाम पर ठगी के इस मामले को पूरी तरह से खंगालेगी.



लगातार चल रही है छापेमारी

ये बात तो शनिवार को ही साफ हो गई थी कि जिस मोबाइल नंबर से कैंडिडेट राजेश गुंजन को कॉल किया गया था और रुपए जमा करने के लिए जो बैंक अकाउंट दिए गए थे, वो नालंदा के निकले. जिसके बाद से ही पटना पुलिस की टीम नालंदा जिले में छापेमारी कर रही है. हालांकि लगातार छापेमारी के बाद भी अब तक कोई सफलता पुलिस टीम को नहीं मिली है.

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सोर्स के अनुसार शातिरों को खोजते हुए पुलिस टीम उनके ठिकाने पर पहुंच गई थी. लेकिन उसके पहले ही शातिरों ने अपना ठिकाना बदल दिया. जिसके बाद से लगातार उन्हें ट्रेस किया जा रहा है. सोर्स बतातें है कि पुलिस टीम को नालंदा के आसपास के जिलों का भी लिंक मिला है. अब उस लिंक को खंगाला जा रहा है. साथ ही वहां छापेमारी की भी तैयारी की जा रही है.

हटाए गए आईटी सेल के इंचार्ज

खबर बीएसईबी से भी है. सोर्स की मानें तो बोर्ड एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने आईटी सेल के इंचार्ज को हटा दिया है. सोर्स बताते हैं कि अपने डिपार्टमेंटल जांच में एडमि​निस्ट्रेशन ने पाया कि आईटी सेल के इंचार्ज ही वो शख्स हैं जो बोर्ड से स्टूडेंट्स के डाटा को लीक कर रहे थे. हालांकि आॅफिसियल तौर पर इस बात की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.