बालू मामले में प्रधान सचिव के सभी आदेश रद्द, पटना हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

KK-PATHAK
खान विभाग के प्रधान सचिव के के पाठक

पटना : बिहार में जारी बालू संकट के बीच आज सोमवार 11 दिसंबर को सरकार को एक और झटका लगा है. पटना हाईकोर्ट ने खनन विभाग द्वारा 27 दिसंबर के बाद जारी सभी आदेशों पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने साथ ही खनन विभाग के प्रधान सचिव के के पाठक को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अदालती अवमानना का मामला चलाया जाए. कोर्ट इस बात से खफा है कि उसके द्वारा बीते 27 नवंबर को बिहार सरकार के नए बालू कानून पर रोक लगाए जाने के बावजूद क्यों उससे संबंधित आदेश पारित किये गए.

पटना हाईकोर्ट ने आज मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह अधिकारी अदालती आदेश का कैसे उल्लंघन कर सकते हैं. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि खनन संबंधी सभी आदेश और कार्य असंशोधित कानून के अनुसार ही फिलहाल जारी रहेगा. इस मामले में अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी.



क्या है मामला

पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा बालू-गिट्टी और मिट्टी के खनन, बिक्री और परिवहन के लिए बनाए गए नए ‘बिहार लघु खनिज नियमावली, 2017’ पर रोक लगा दिया था. बिहार सरकार द्वारा राज्य में अवैध खनन और माफ़िया का इस कारोबार में वर्चस्व ख़त्म करने के लिए इसे बनाया गया था. लेकिन कई पक्षों ने नए नियमावली में ख़ामियों को उजागर किया था.

विभाग ने 29 नवंबर को आदेश जारी कर बालू खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति को भी अनिवार्य कर दिया था. आदेश के अनुसार बालू खनन से सम्बंधित जिलों को खनन से पहले जिलों में DEIAA (District Environment Impact Assessment Authority) से पर्यावरणीय क्लियरेंस लेना जरूरी हो गया था. यह क्लियरेंस को देना है.

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इससे पहले कोर्ट के आदेश के आलोक में बिहार सरकार ने 1 दिसंबर से पुराने प्रावधानों के आधार पर ही बालू की बिक्री शुरू करने का निर्णय लिया था. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी जिलों के डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस बाबत तैयारी करने का आदेश दिया था. मुख्य सचिव ने यह भी कहा था कि सरकार बालू खनन नियमावली रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी. लेकिन फिलहाल पुराने प्रावधानों पर ही बालू की बिक्री का जाएगी ताकि बालू का संकट नहीं हो. खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह ने भी विधानसभा और बाद मीडिया से कहा था कि पहली दिसंबर के बाद लोगों की दिक्कत दूर हो जाएगी.