पटना में ना तो गाड़ी वाला आया घर से कचरा उठाने, ना ही सीटी सुनाई पड़ी, सड़क पर लगा कूड़े का अंबार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पटना नगर निगम के 8000 कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जिससे राजधानी में कचरे का अंबार लगा हुआ है. ना तो गाड़ी वाला कचरा उठाने आया ना ही सीटी सुनाई दिया. अगर यही हाल रहा तो गंदगी और बदबू के कारण बीमारियां फैलनी शुरू हो जाएगी.

निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के आह्वान पर गुरुवार से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले ही दिन से पूरी राजधानी गंदगी और कचरों से बजबजाने लगी है. घरों का कचरा नुक्कड़ों पर आ गया है. गुरुवार की रात तक शहर की वीआइपी कॉलोनियां समेत हर गली-मोहल्लों के मुहानों पर कचरों का ढेर लग गया.



पटना नगर निगम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ के महासचिव नंदकिशोर दास, संयुक्त सचिव राजेश पासवान व सचिव कालेशवर पासवान ने कहा कि नगर आयुक्त हिमाशु शर्मा और महापौर सीता साहू की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण कर्मी बार-बार हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं.

पटना नगर निगम के साथ साथ शहर में फॉगिंग और सैनिटाइजेशन कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले में मेयर सीता साहू ने हड़ताली कर्मियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह राज्य सरकार से किया है. उन्होंने ने कहा कि कोरोना काल में हड़ताल दुर्भाग्यपूर्ण है,