CCIM चुनाव मामले में सामने आई RMS की लापरवाही, 4 को किया गया गिरफ्तार

CCIM-PATNA
पुलिस की गिरफ्त में RMS के स्टाफ

पटना : सेंट्रल काउंसिल आॅफ इंडियन मेडिसिन (CCIM) इलेक्शन के फेंके गए बैलेट पेपर मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की जांच करते हुए डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डा. मो. शिब्ली नोमानी और उनकी टीम ने रेल मेल सर्विस (RMS) के 4 स्टाफ को गिरफ्तार किया है. जिसमें अमरनाथ प्रसाद, दिलीप कुमार, पीसी धीरज और कर्ण कुमार शामिल हैं. सील पैक जिस बैलेट पेपर को स्टेट हेल्थ सोसायटी के आॅफिस पहुंचना था, वो पटना में रोड पर कूड़े की ढ़ेर में फेंकी हुई मिली थी. 8 दिसंबर को इस मामले का खुलासा हुआ था. मामला सामने आने के बाद से ही पटना पुलिस की टीम जांच में जुट गई थी.

डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर ने मामला सामने आने के अगले दिन ही पटना जंक्शन स्थित आरएमएस आॅफिस में छापेमारी की थी. उन्होंने खुद कई लोगों से पूछताछ किया था. जैसे—जैसे जांच आगे बढ़ती गई, वैसे—वैसे मामला साफ होता गया. फिर जैसे ही स्टाफ्स की लापरवाही सामने आई, वैसे ही उन्हें पुलिस टीम ने अपने हिरासत में ले लिया था. पूछताछ की गई और मामला साफ होते ही सभी को गिरफ्तार कर लिया.



कौन है वो, जिसके कहने पर बरती लापरवाही

एक बात तो स्पष्ट हो चुका है. आरएमएस के इन चारों स्टाफ्स् ने किसी के कहने पर ही इतनी बड़ी लापरवाही बरती है. वो शख्स कौन है, जिसकी इन लोगों ने बात मानी. मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को भी ये बात समझ में आ गई है. अब पुलिस टीम उस शख्स का पता लगाने में जुट गई है. माना जा रहा है कि एक बड़ा नेक्सस है जो इसके पीछे लगा था. अब ये पूरी तरह से साफ हो चुका है कि सीसीआईएम के इलेक्शन में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. ऐसा कुछ चहेते लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है.

अपलोड कर दिया डेलिवर्ड रिपोर्ट

गिरफ्तार किया गया पीसी धीरज, आरएमएस का वो स्टाफ है. जो बुक कराए गए लेटर, पार्सल और दूसरे सामानों की डेलिवर्ड रिपोर्ट को वेबसाइट पर अपलोड करता है. इसने काफी चालाकी दिखाई. कूड़े की ढ़ेर से बरामद किए गए सारे बैलेट पेपर का इसने गलत रिपोर्ट तैयार किया और उसे अपलोड कर दिया. जिसके बाद से आरएमएस के वेबसाइट पर सभी को डेलिवर्ड दिखाया जा रहा था. फर्जी रिपोर्ट का खुलासा पुलिस की जांच में हुआ.

क्यों नहीं की शिकायत

एक लड़का आरएमएस आॅफिस पहुंचता है. वो एक—दो नहीं, बल्कि 500 से अधिक सील पैक बैलेट पेपर को स्टेट हेल्थ सोसायटी के पते पर बुक कराता है. नियमों के अनुसार बुक कराने वाले का भी पूरा पता का जिक्र होना चाहिए. क्योंकि किसी कारणवश बुक कराया गया सामान वापस लौटता है तो उसे बुक कराने वाले के पते पर भेज दिया जाता है. लेकिन यहां ऐसा नहीं था. सील पैक बैलेट पेपर पर पूरा पता भी नहीं था. सवाल ये उठता है जब एक लड़का बड़े पैमाने पर बुकिंग के कराने आया था तो उसी टाइम उससे आरएमएस के स्टाफ ने पूछताछ क्यों नहीं की? किसी से इसकी शिकायत क्यों नहीं की?

अब भी नहीं मिले हैं 2400 बैलेट पेपर

सीसीआईएम इलेक्शन को लेकर स्टेट हेल्थ सोसायटी ने करीब 34 हजार बैलेट पेपर को अपने वोटर्स के पास 18 नवंबर तक भेजा दिया था. लेकिन इलेक्शन को डिस्टर्ब करने वालों ने अपने फुलप्रूफ प्लान के तहत चाल चली. वोटिंग के बाद काफी सारे बैलेट पेपर को स्टेट हेल्थ सोसयटी के पास पहुंचने ही नहीं दिया. पुलिस की मानें तो अब भी 2400 बैलेट पेपर स्टेट हेल्थ सोसायटी को नहीं मिले हैं.