आखिर सुलझ गया पटना के खादिम शो रूम मालिक हत्या का केस, SSP ने बताई पूरी कहानी

पटना : बेली रोड पर आशियाना मोड़ के पास स्थित खादिम शो रूम के मालिक जितेन्द्र कुमार गांधी के हत्या की गुत्थी को पटना पुलिस ने सुलझा लिया है. हत्या करने वाले दो अपराधियों को पुलिस टीम ने अरेस्ट कर लिया है. मामले को सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस टीम को पूरे 20 दिन लगे. गौरतलब है कि 22 नवंबर की देर रात शो रूम बंद कर जितेन्द्र कुमार गांधी बाइक से अपने बेटे के साथ फुलवारी शरीफ स्थित अपने घर लौट रहे थे. जगदेव पथ के रास्ते संजय गांधी इंस्टीच्यूट के पास पहुंचते ही अपराधियों ने हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया था. अगर जितेन्द्र का बेटा जवाबी फायरिंग नहीं करता तो अपराधी उसे भी गोली मार देते. लेकिन जवाबी फायरिंग को देख वो भाग गए थे.

हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने और अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेवारी एसएसपी मनु महाराज ने सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी की अगुआई में बनाई गई स्पेशल टीम को दी थी. टीम की कार्रवाई पर एसएसपी खुद कड़ी नजर रख रहे थे. कड़ी मशक्कत के बाद दानापुर का कुख्यात अपराधी लाल और उसका साथी पिंटू पकड़ा गया. जबकि इनके दो साथी अब भी फरार चल रहे हैं. लाली और पिंटू के पास से पुलिस टीम ने दो पिस्टल, 7 गोली, वारदात में यूज की गई एक बाइक और एक मोबाइल को बरामद किया.



दो दिन से कर रहे थे रेकी

हत्या के पीछे का मुख्य मकसद लूटपाट था. असल में लाली खुद का एक गैंग चलाता है. जिसमें पिंटू इसका राइट हैंड है. गैंग में और कई गुर्गे भी हैं. लाली और उसके गुर्गों को इस बात की जानकारी थी कि जितेन्द्र कुमार गांधी डेली रात को 2 से 3 लाख रुपए कैश लेकर अपने घर लौटता है. इस लिए वारदात के दो दिन पहले से लाल और पिंटू खुद रेकी कर रहे थे. इसके बाद ही लूट की प्लानिंग सेट हुई.

पूछताछ के दौरान लाली और पिंटू ने कबूल किया कि लूटपाट के दौरान ही जितेन्द्र को गोली मारी थी. इस मामले में पुलिस टीम को सीसीटीवी फुटेज से काफी क्लू मिला था. जितेन्द्र और उसके बेटे का शो रूम से निकलते ही अपराधी पीछा कर रहे थे. फुटेज में भी ये साफ तौर पर दिखा है कि दो बाइक पर 4 अपराधी पीछे—पीछे चल रहे थे. जितेन्द्र गांधी हत्याकांड पर और पढ़ें

फतुहा में 15 लाख रुपए ​लूटने की थी तैयारी

लाली का गैंग काफी बड़ा है. गैंग में पटना—दानापुर, फतुहा, पुनपुन और धनरूआ के साथ ही नालंदा जिले के भी अपराधी शामिल हैं. इन अपराधियों ने खादिम शो रूम के मालिक की हत्या तो कर दी थी. लेकिन लूटपाट के दौरान मोटा कैश नहीं मिला था. इस लिए फतुहा के चावल कारोबारी राजकिशोर प्रसाद को इन अपराधियों ने अपने रडार पर ले रखा था. बड़े कारोबारी होने के कारण हर दिन कैश में लाखों रुपए का इनका ट्रांजक्शन होता है. अपराधियों के पास इस बात की पक्की खबर थी. इन्हें पता था कि करीब 15 लाख रुपए कलेक्शन और दूसरे माध्यमों से कैश में इनके पास हर दिन आता है. इसलिए अपराधियों ने फतुहा के इस चावल कारोबारी को अपने टारगेट पर रख लिया.

निशानदेही पर पकड़े गए 5 अपराधी

फतुहा में इन अपराधियों ने फोर लेन के पास अपना एक ठिकाना बना रखा था. वहीं पर बैठकर पूरी प्लानिंग सेट की जा रही थी. पुलिस ने लाली के मोबाइल को सर्विलांस पर ले रखा था. लिसनिंग पर सारी बातें सुनी जा रही थी. तभी पुलिस को फतुहा में चावल कारोबारी को लूटने की इनकी प्लानिंग का पता चल गया. फिर क्या था जैसे ही लाल और पिंटू पटना में पकड़े गए, इनसे पूछताछ शुरू कर दी गई. इनकी निशानदेही पर ही फतुहा के थानेदार नसिम अहमद और स्पेशल सेल के सब इंस्पेक्टर मृत्युंजय की टीम ने छापेमारी कर गौतम उर्फ लीलरा, धर्मेन्द्र कुमार उर्फ डोमा, तरुण कुमार, राज कुमार यादव उर्फ राम कुमार यादव और आलोक पासवान को अरेस्ट किया गया. इन अपराधियों के पास से दो पिस्टल, तीन गोली और लूट की तीन पीस बैट्री बरामद की गई.

करवाएंगे स्पीडी ट्रायल

लाली और इसके गैंग में शामिल अपराधी काफी कुख्यात हैं. सुपारी लेकर हत्या करना, लूट और डकैती इनका मुख्य पेशा है. साल 2015 में ही लाली ने ही दानापुर में एडवोकेट और उसके साथी का मर्डर किया था. नौबतपुर में एक किसान की हत्या करने के लिए इसने दो लाख रुपए की सुपारी ली थी.

हाल में ही नालंदा जिले के हरनौत में एक ट्रक पर लोड 20 लाख रुपए के दाल को लूट लिया था. एसएसपी मनु महाराज ने साफ कर दिया है कि इन अपराधियों को स्पीडी ट्रायल के तहत जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी.