BSEB से आखिर कौन लीक कर रहा है डाटा, पुराने शातिरों से पूछताछ की तैयारी

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प्रतीकात्मक फोटो

पटना : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के अंदर आखिर वो कौन शख्स है, जो वहां से स्टूडेंट्स और कैंडिडेट्स का डाटा लीक कर रहा है? डाटा लीक करने वाला शख्स ठगी करने के लिए कोई गैंग खुद आॅपरेट कर रहा है या फिर मोटे रुपए लेकर शातिरों के गैंग से डिटेल्स को बेच दिया है? इस तरह के अभी कई अनसुलझे सवाल हैं. जिसका जवाब न तो बीएसईबी एडमिनिस्ट्रेशन के पास है और न ही पटना पुलिस के पास. लेकिन सवालों का जवाब ढूंढ़ने में एसएसपी मनु महाराज के निर्देश पर बनाई गई स्पेशल टीम जुट गई है. स्टूडेंट्स और कैंडिडेट्स का डिटेल्स रखने वाले बीएसईबी के आईटी सेल के कंसर्न लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई है.

सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी की लीडरशिप वाली टीम में शामिल डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डा. मो. शिब्ली नोमानी ने सोमवार को आईटी सेल से कंर्सन कई लोगों के साथ पूछताछ की. कंसर्न लोगों में आशिष चन्द्रा नाम का वो शख्स भी है, जिसे आईटी मैनेजर बताते हुए बोर्ड से निकाले जाने की बात रविवार को सामने आई थी. लेकिन पुलिस के अब तक की इंवेस्टिगेशन और पूछताछ के दौरान आशिष का कोई रोल अभी सामने नहीं आया है.



दरअसल, सही से काम नहीं करने के कारण पहले से बीएसईबी एडमिनिस्ट्रेशन के पास आशिष के खिलाफ कंप्लेन की गई थी. पुलिस की मानें तो 4 बार आशिष के खिलाफ उसके अधिकारियों ने कंप्लेन किया था. उसी कंप्लेन के आधार पर उसे आईटी सेल से हटा दिया गया. बोर्ड की इस कार्रवाई का नौकरी के नाम ठगी मामले में चल रही जांच और डाटा लीक के कंर्सन से कोई लेना—देना नही है.

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हालांकि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई अभी जारी रहेगी. आईटी सेल और बोर्ड के दूसरे अधिकारियों से पूछताछ होनी बाकी है. डाटा लीक करने वाले की तलाश अब और तेज कर दी गई है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए कोतवाली थाने में दर्ज ठगी के पुराने केस में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए शातिर ठगों से भी पूछताछ की जा सकती है. सोर्स की मानें तो संभावना इस बात की जताई जा रही है जेल में बंद शातिरों से पूछताछ में कोई ठोस क्लू मिल सकता है.