लाइव सिटीज, पटना : कैश लूट के एक ऐसे मामले का पटना पुलिस ने खुलासा किया है, जो हुआ ही नहीं. बल्कि शातिराना तरीके से कैश को ठिकाने लगाया गया और उसे बाद में लूट का नाम दे दिया गया. ये मामला है पटना जिले के धनरूआ थाना का. कैश लूट की स्क्रीप्टिंग आॅटोमोबाइल एजेंसी में काम करने वाले सेल्समैन ने की थी. उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी लूट के वारदात की स्टोरी तैयार कर दी थी.

दरअसल, धनरूआ में लक्ष्मी आॅटो मोबाइल एजेंसी है. शुक्रवार को एजेंसी के मालिक अमित कुमार ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उनके सेल्समैन टिंकू से 1 लाख 92 हजार रुपए अपराधियों ने लूट लिए हैं. इस सूचना को पटना पुलिस ने गंभीरता से लिया. सिटी एसपी ईस्ट राजेन्द्र कुमार भील ने मसौढ़ी के एसडीपीओ की अगुआई में एक टीम बनाई.

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टीम ने मामले की जांच तेजी से शुरू की. साथ ही सेल्समैन टिंकू से भी पूछताछ की जाने लगी. पूछताछ के दौरान ही पुलिस की नजर में सेल्समैन की भूमिका संदिग्ध पाई गई. फिर क्या था पुलिस अपने रंग में आई. सख्ती से किए गए पूछताछ के दौरान टिंकू टूट गया. उसने एक—एक कर पूरी सच्चाई पुलिस टीम के सामने उगल दिया.

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सामने आया यह सच

सिटी एसपी ईस्ट की मानें तो लूट की वारदात हुई नहीं थी. एजेंसी से रुपए लेकर टिंकू निकला तो जो जरूर, लेकिन उसने अपने साथियों सौरव और पिंटू के साथ पहले से ही पूरी प्लानिंग कर रखी थी. रास्ते में एक जगह पर जमा हुए. फिर अपनी प्लानिंग को अंजाम देने में जुट गए.

पटना पुलिस का दावा है कि कैश लूट के इस फर्जी केस को महज तीन घंटे में उनकी टीम ने सुलझा लिया. साथ ही सेल्समैन टिंकू और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया. तीनों के पास से एजेंसी के 1 लाख 92 हजार में से 1 लाख 80 हजार रुपए बरामद भी कर लिया.

सिटी एसपी ईस्ट का कहना है कि गिरफ्तार किए गए तीनों शातिरों की हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है. लूट की पुरानी वारदातों में इनकी संलिप्तता के बारे में पता लगाया जा रहा है. अगर किसी वारदात में इनकी संलिप्तता आई तो पुलिस टीम रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ करेगी.

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