मरीजों की लड़ाई पड़ गई महंगी, पप्पू यादव को गिरफ्तार करेगी पटना पुलिस

लाइव सिटीज, पटना : गलत-सलत इलाज और बिलिंग के खिलाफ लड़ाई जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय संरक्षक व मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव को अब महंगी पड़ सकती है. सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने का फैसला पटना पुलिस ने लिया है. पप्पू की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से नन वेलेबल वारंट की मांग की गई है. यह गिरफ्तारी पटना के कंकड़बाग थाने के शिवा हॉस्पिटल मामले में होगी. पप्पू इस हॉस्पिटल में शमां परवीन नामक महिला को छुड़ाने गए थे. आरोप था कि शिवा हॉस्पिटल गलत इलाज के बाद जबरिया वसूली के लिए शमां परवीन को बंधक बनाए हुए है. पप्पू ने मीडिया और पुलिस की मौजूदगी में मरीज को छुड़ाया भी था.

बाद में इस मामले में अस्पताल ने सांसद समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. फिर कंकडबाग के ASI राकेश कुमार निराला ने सांसद पप्पू यादव और उनके 100 समर्थकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया. कंकड़बाग थाने के अनुसंधानक केशव कुमार तिवारी ने दूसरे मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है. यादव के विरुद्ध कांड संख्या – 975/17 में IPC की धारा 147/149/341/323/353/427/504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. कोर्ट से अनुमति मिलते ही पटना पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी.



पटना पुलिस द्वारा पेश सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी का आवेदन

पप्पू ने कहा – जेल जायें/मर जायें, लड़ेंगे जरुर

पटना पुलिस की ओर से गिरफ़्तारी की तैयारी किये जाने के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें इसकी खबर 24 घंटा पहले से थी. आज बुधवार 13 दिसंबर को दिन में ही पटना में मीडिया को बताया था कि उन्हें जेल भिजवाने और आंदोलन का मर्डर करने के लिए फर्जी अस्पतालों और डॉक्टरों ने 5 करोड़ रूपये की ‘सुपारी’ जमा की है. अब इस ‘सुपारी’ ने खेल दिखाना शुरू कर दिया है. जहां-जहां पैसा पहुंचेगा, आंदोलन को डिस्टर्ब करने की कोशिश की जायेगी. लेकिन हम डरेंगे नहीं. चाहे जेल जायें/मर जायें – लड़ेंगे जरुर.

पप्‍पू बोले : 5 नहीं 50 करोड़ की ‘सुपारी’ जमा कर लें फर्जी अस्‍पताल-डाक्‍टर, बचेंगे नहीं

पप्पू ने कहा कि वे साड़ी बात हाईकोर्ट को बताएंगे. मेरे खिलाफ आरोप किया जा रहा है कि सरकारी कार्य में हमने बाधा पहुंचाई. कोई यह बता दे कि शिवा हॉस्पिटल, जहां हम धरना पर बैठे थे, वह सरकारी कैसे हो गया. फिर पूरे प्रकरण की वीडियोग्राफी है. कोई तोड़फोड़ हो तो दिखाए. बाद में केस गढ़ने को खेला जा रहा है, तो इसे नंगा भी कर देंगे.

सांसद ने कहा कि पुलिस को तो सबसे पहले शिवा हॉस्पिटल में जबरिया बंधक बनाई गई मरीज शमां परवीन का बयान दर्ज करना चाहिए था. क्या उसने कभी कहा है कि हमने कोई जबरदस्ती की ? वह तो अस्पताल से परेशान थी. बिना रुपया जमा किये छोड़ा नहीं जा रहा था, जबकि बड़ी राशि पहले ली जा चुकी थी. ICU में भर्ती मरीज से कोई बेडचार्ज और डायटीशियन का खर्चा लेता है क्या ? कोई जानकार बता दें कि 98-99 डिग्री की बुखार में मरीज को रोज 25-30 हजार रूपये का दवा खाना पड़ता है क्या ? उन्होंने कहा – यह लड़ाई अभी शुरू हुई है. आम आदमी की लड़ाई है, बहुत आगे जायेगी.

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पप्पू ने कहा – अब बिहार में होगी फर्जी-लुटेरे डॉक्टरों की ‘जनठुकाई’, साथ में कालिख भी पोतेंगे