दीघा के पुलिसवालों की करतूत, बिजली मिस्त्री को जमकर पीटा और घंटों बंधक बना कर रखा

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पिटाई के बाद जख्म के निशाँ दिखाता बिजली मिस्त्री धीरज

लाइव सिटीज, पटना : दीघा थाने में तैनात कुछ पुलिसवालों की एक शर्मनाक करतूत सामने आई है. एक बिजली मिस्त्री को पुलिस वालों ने अपने कब्जे में लिया. उसकी जमकर पिटाई की. लाठी डंडों से उसकी इतनी पिटाई की कि उसके निशान शरीर के कई हिस्सों में उभर आए हैं. बात इतने पर ही नहीं रूकी. बिजली मिस्त्री को पुलिस वालों ने बंधक बना रखा था. आरोप है कि 15 हजार रुपए लेने के बाद उसे थाने से छोड़ा गया है. ये मामला गुरुवार का है. लेकिन सामने अब आया है.

जिस बिजली मिस्त्री की पिटाई की गई और बंधक बनाया गया, उसका नाम धीरज है. ये मूल रूप से हाजीपुर के सुभाष चौक का रहने वाला है. पटना के राजीव नगर स्थित रोड नंबर 15 में रहकर बिजली का काम ठेके पर करता है. धीरज के अनुसार उसकी पिटाई दीघा थाने के सब इंस्पेक्टर राजू पासवान ने की थी.

ये है वजह

दीघा में एक विवादित जमीन है. एक ही जमीन पर दो पक्षों ने अपना—अपना दावा ठोक रखा है. एक पक्ष एसएन सिंह ने इस विवादिज जमीन पर बिल्डिंग खड़ी कर दी. गुरुवार को ढ़लाई का काम होना था. जमीन पर विवाद होने के बाद भी एसएन सिंह जबरन काम करवा रहे थे, वो भी पुलिस वालों की मदद से. एसएन सिंह ने ही बिजली मिस्त्री धीरज सिंह को वायरिंग करने के लिए एप्रोच किया था. इस कारण वो मौके पर पहुंचा हुआ था.

धीरज के अनुसार गुरुवार की सुबह में सबसे पहले ASI उमेश पासवान वहां पहुंचे. एसएन सिंह से 15 हजार लेने के बाद वो चले गए. कुछ समय बाद ही दूसरा दारोगा वहां पहुंचा. उसने भी रुपए लिए और चला गया. दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सब इंस्पेक्टर राजू पासवान 4—5 सिपाहियों के साथ आया. रुपए नहीं मिलने पर वो बौखला गया. काम कर रहे मजदूरों पर उसने लाठीचार्ज करवा दिया. इसके बाद उसने धीरज से पूछताछ किया. फिर गाली—गलौज करते हुए कहा कि ये विवादित जमीन है, यहां काम करने कैसे आ गए.

इसका जवाब जब उसने दिया तो सब इंस्पेक्टर का गुस्सा और बढ़ गया. उसके बाद फिर धीरज की जमकर पिटाई की. थाना ले जाकर उसे बंधक बनाया. रात 8 बजे जब एसएन सिंह ने वहां पहुंचकर 15 हजार रुपए दिया तब जाकर धीरज को छोड़ा गया.

एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

धीरज की मानें तो उसने दारोगा उमेश पासवान को रुपए देने वाला वीडियो मोबाइल से बना लिया था. इस बात का भी पता राजू पासवान को चल गया था. जिसके बाद उसके मोबाइल से जबरन वीडियो को डिलीट कराया गया. दीघा थाने में तैनात पुलिस वालों का ये शर्मनाक प्रकरण अब सब के सामने आ चुका है. मामले के सामने आते ही एसएसपी मनु महाराज ने इसके जांच के आदेश दे दिए हैं. सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी को जांच की जिम्मेवारी दी गई है. एसएसपी ने साफ कर दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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