गश्ती का बहाना कर मस्ती नहीं कर पायेगी पटना पुलिस, होने जा रही है ये व्यवस्था

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: बिहार की राजधानी पटना की पुलिस अब गश्ती के नाम पर आराम नहीं फरमा पाएंगे. दरअसल अब उनकी पूरी कार्यकलाप पर निगरानी रखी जायेगी. अक्सर ये देखा गया है कि गश्त के बहाने पुलिस आराम फरमाती है, इसको लेकर अब जल्द ही पटना पुलिस की गाड़ियां जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लैस होंगी. पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

इसको लेकर पटना एसएसपी गरिमा मलिक को जीपीएस लैस गाड़ियों की ट्रैकिंग और उससे होने वाले फायदों के बारे में प्रेजेंटेशन दिखाया गया है. अब बहुत जल्द  कागजी प्रक्रिया होने बाद पुलिस वाहनों में जीपीएस लगना शुरू हो जाएगा.  मिल रही जानकारी के अनुसार पटना  पुलिस के करीब  200 से अधिक वाहनों को जीपीएस इनेबल किया जाएगा और इसे जिला पुलिस के कंट्रोल रूम से  मॉनिटर भी किया जाएगा.



अक्सर यह देखा गया है जब वायरलेस पर थानेदार या किसी गश्ती गाड़ी का लोकेशन लिया जाता है, तो संबंधित अधिकारी झूठ बोल जाते हैं. कई पुलिस अधिकारी  घर में होने के बावजूद  खुद को गश्त में दिखा देते हैं. ऐसे में जीपीएस इनेबल होने के बाद इस तरह की  झूठ की खेती बंद हो जाएगी. अधिकारी जिस गश्ती गाड़ी का मूवमेंट देखना चाहेंगे, उसे झट से देख पाएंगे. वहीं इस दौरान अब ये पता चल सकेगा कि गाडी का इंजन बंद है या चालू. जिस गाड़ी का इंजन बंद रहेगा उसके आगे लाल रंग का नोटिफिकेशन आता रहेगा वहीं चालू इंजन वाली गाड़ियों के आगे हरे रंग का नोटिफिकेशन दिखता रहेगा

बताया जा रहा है कि जिला पुलिस के 74 थानों की गाड़ियां जीपीएस इनेबल होंगी. जीपीएस युक्त गश्ती गाड़ियों को एसएसपी, सभी एसपी, डीएसपी और थानेदार मॉनिटर करेंगे. पुलिस अनुमंडल स्तर पर वर्चुअल सेक्टर बनाया जाएगा। सभी एसपी, डीएसपी और थानेदारों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा. लॉगइन करते ही संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र की गश्ती गाड़ियों का लोकेशन देख सकेंगे.