रेलवे में ठेकेदारी के नाम पर ठग लिए 11.30 लाख, FIR भी दर्ज नहीं कर रही थी पटना पुलिस

SSP
फाइल फोटो

पटना : मामला ठगी का है. वो भी रेलवे में ठेकेदारी दिलाने के नाम पर. शातिरों ठेकेदारी दिलाने के नाम पर किस्तों में 11 लाख 30 हजार रुपए ठगे थे. ठगी की ये पूरी कहानी 5 साल पुरानी है. इसमें नई बात ये है कि ठगी के शिकार व्यक्ति पिछले एक साल से कार्रवाई के लिए पटना पुलिस के पास चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन कार्रवाई तो दूर की बात है. आज तक इस मामले में पुलिस ने कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं किया. ठगी के शिकार व्यक्ति का नाम मुकेश कुमार है. जो सारण जिले के मठकरडा गांव के रहने वाले हैं.

बात साल 2012 की है. अरवल जिले का अजय कुमार पटना के चांदपुर बेला इलाके में रहता है. इसने मुकेश कुमार के बेरोजगार होने का फायदा उठाया. उन्हें सोनपुर रेल डिवीजन के तहत ठेकेदारी दिलाने का प्रलोभन दिया. काम मिल जाने के चक्कर में मुकेश शातिर अजय के झांसे में आ गए. फरवरी से अप्रैल 2012 के बीच कुल 4 किस्तों में 11 लाख 30 हजार रुपए ठेकेदारी दिलाने के नाम पर वसूल कर लिए. विश्वास दिलाने के लिए शातिर ने पहले 500 रुपए के स्टांप पेपर पर एक कांट्रैक्ट भी बनाया. जिसमें किस्तों में लिए गए रुपयों का डिटेल्स भी लिखा. इसके साथ ही एलवन पेपर भी दिया.



MUKESH-FRAUD
ठगी के शिकार मुकेश कुमार

मुकेश को ठगी का एहसास तब हुआ जब उसने सोनपुर रेल ​डिवीजन में जमा कराए गए डॉक्यूमेंट्स को खंगाला. जो जांच में फर्जी निकला. ठगी का पूरा खेल सामने आने के बाद से ही मुकेश शातिर अजय को पकड़ने की जुगत में लगा है. ताकि वो अपने रुपए वापस उससे ले सके.

एसएसपी ने दिया है कार्रवाई करने का आदेश

दो साल पहले जक्कनपुर के पूर्व थानेदार मनोज कुमार से मिल मुकेश ने कंप्लेन की थी. लेकिन उस दौरान उनकी कंप्लेन को गंभीरता से नहीं लिया गया. फिर 19 जुलाई 2016 को मुकेश एसएसपी से मिले. मामले में कंंप्लेन की. लेकिन उस दौरान भी न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई और न ही कोई कार्रवाई हुई.

एक साल बाद गुरुवार को फिर से मुकेश एसएसपी मनु महाराज से मिले. मामले में लिखित शिकायत की. जिस पर एसएसपी ने जक्कनपुर थानेदार को गंभीरता से मामले की जांच कर कार्रवाई करने व शातिर को पकड़ने का आदेश दिया है.

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