बिहटा फायरिंग मामले में थानेदार पर गिरी गाज, नहीं दर्ज की थी रंगदारी की FIR

पटना : बिहटा में अपराधियों के मचाए गए तांडव को पटना के एसएसपी मनु महारज ने काफी गंभीरता से लिया. बुधवार की सुबह अपराधियों ने रंगदारी की रकम नहीं देने पर केशरी मेडिकल शॉप में घुस कर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. शुक्र है कि इस वारदात के दौरान किसी को गोली नहीं लगी. लेकिन रात होते—होते एसएसपी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर दी. लापरवाही बरतने वाले बिहटा के थानेदार राघव दयाल को सस्पेंड कर दिया है. इनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है.

दरअसल, मेडिकल स्टोर के मालिक राजू भारती को अपराधियों ने 6 दिसंबर को ही कॉल कर रंगदारी मांगी थी. अपराधियों की करतूत के बारे में राजू और उनके भाई ने उसी टाइम थानेदार राघव दयाल को जानकारी दी. मामला गंभीर होने के बाद भी थानेदार ने इसमें लापरवाही बरती. न तो इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज किया और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की. सबसे बड़ी लापरवाही ये बरती कि एसएसपी या सिटी एसपी वेस्ट सहित किसी भी अपने सीनियर आॅफिसर को इस मामले की जानकारी तक नहीं दी.



आज सुबह में हुए वारदात के बाद थानेदार की लापरवाही का खुलासा हुआ. लापरवाही बरतने का मामला सामने आते ही एसएसपी ने सिटी एसपी वेस्ट रविन्द्र कुमार को पूरे मामले में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. देर शाम तक सिटी एसपी वेस्ट ने अपनी जांच पूरी कर एसएसपी को सौंप दी. साथ ही उनकी अनुशंसा पर थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया.

रंजीत कुमार सिंह को मिली कमान

​रंजीत कुमार सिंह को बिहटा का नया थानेदार बनाया गया है. रंजीत अभी पटना के कदमकुआं थाने में तैनात हैं. इससे पहले वो दानापुर की थानेदारी कर चुके हैं. बिहटा में बढ़ते आपराधिक वारदातों को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने रंजीत कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी दी है. अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में इन्हें सक्षम भी माना जाता है.

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