‘ब्लैक होल’ पर पटना के लड़के का रिसर्च पेपर देख बड़े-बड़े हुए अचंभित, बुलाया ब्रिटेन

Amal-Pushp
Amal-Pushp

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेंस्क: विज्ञान में ‘ब्लैक होल’ सबसे रोचक विषयों में से एक है. वहीं भारत के कई वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत को लेकर कई रिसर्च भी किए हैं. इसी कड़ी में एक बार फिर से भारत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. इस बार ये लम्हा पूरे भारत के साथ—साथ बिहार के लिए भी गर्व करने की बात है. पटना के रहनेवाले अमल पुष्प को ‘ब्लैक होल’ पर किए गए उनके रिसर्च पेपर वर्क की बदौलत रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने अपने फेलो के तौर पर चुना है.

अमल कि उम्र महज 18 साल

आपको बता दे कि पटना के रहनेवाले और दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र अमल पुष्प एक स्वतंत्र रिसर्चर है. उनकी उम्र केवल 18 साल है. संभवत: अमल इस फेलोशिप को पानेवाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं. ब्रिटेन के विश्व प्रसिद्ध रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने अमल को फेलो के रूप में चुना है. बता दे कि अमल को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शीर्ष ब्रिटिश खगोलविद और एमरिटस प्रोफेसर लॉर्ड मार्टिन रीस की ओर से नामांकित किया गया था. प्रोफेसर लॉर्ड मार्टिन रीस की माने तो वे अमल के रिसर्च पेपर वर्क से काफी प्रभावित हैं.

आरएएस के एक डिप्टी एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रॉबर्ट मैसी ने द टेलीग्राफ को बताया, “18 साल की उम्र में अमल को चुना गया है उन्हें  खगोलविद रॉयल लॉर्ड रीस द्वारा मनोनीत किया गया था.”बता दे कि लार्ड रीस को Britain’s Astronomer Royal की पदवी हासिल है. वे ब्रिटिश सरकार को खगोलीय और वैज्ञानिक मामलों पर सलाह देते हैं.

एसे शुरू हुई अमल की ब्रिटेन तक की यात्रा

अंतराष्ट्रीय साईन्टफिक कम्यूनिटी में अपनी पहचान बनाने का अमल का सफर उस वक्त शुरू हुई जब उन्होने अपने रिसर्च वर्क का एक पेपर नेशनल सेंटर  फॉर बेसिक साइंस के प्रोफेसर पार्थव घोस को भेजा. वे अमल के पेपर वर्क से बहुत प्रभावित हुए और इसे और इसे आगे बढ़ाने का समर्थन किया. घोस ने हाल ही में एक पब्लिकेशन को बताया कि अमल एक स्पेशल टायलैंट हैं, उनके रिसर्च पेपर के कारण ही मैने उन्हे इस फेलोशिप के लिए आगे जाने का समर्थन किया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*