PUSU प्रेसिडेंट दिव्यांशु भारद्वाज मामले की जांच करेगा यूनिवर्सिटी, 72 घंटे में आएगा फैसला

DIVYANSHU-PUSU
दिव्यांशु भारद्वाज (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, पटना : पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (PUSU) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज के निर्वाचन पर संकट नजर आने लगा है. भारद्वाज पर दो कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप है. इस मामले में अब पटना यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कमिटी गठित करने की बात कही है. एक न्यूज़ चैनल के अनुसार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में अगले 24 घंटे में कमिटी का गठन करेगा. यह कमिटी 72 घंटे में अपनी रिपोर्ट देगी. इस रिपोर्ट के आधार पर फिर यूनिवर्सिटी प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा.

बताया जा रहा है कि अगर यूनिवर्सिटी की जांच में दिव्यांशु भारद्वाज दोषी पाए जाते हैं तो उनका निर्वाचन भी रद किया जा सकता है. इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन को फिर से कराने या सिर्फ अध्यक्ष पद का चुनाव फिर से कराने का निर्णय ले सकता है. इसकी विस्तृत जानकारी आज मंगलवार शाम तक उपलब्ध करा दी जायेगी. VIDEO : जीतकर LiveCities से क्या बोले PUSU प्रेसिडेंट दिव्यांशु भारद्वाज…



JACP ने जताया था विरोध

मालूम हो कि जन अधिकार छात्र परिषद ने PUSU के अध्यक्ष बने दिव्यांशु भारद्वाज के पटना यूनिवर्सिटी में नामांकन को अवैध बताया था. इस नामांकन की जांच की मांग का ज्ञापन कुलपति को सोमवार को सौंपा गया था. कुलपति को जांच के लिए ज्ञापन सौंपने के बाद सारे दस्तावेज लेकर छात्र परिषद पटना हाईकोर्ट गया था.

इस दौरान जन अधिकार छात्र परिषद के पटना यूनिवर्सिटी के प्रभारी अवधेश लालु ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण दिव्यांशु भारद्वाज फर्जी नामांकन करने में सफल रहे. अब विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि उसकी जांच कर नामंकन रद्द कर,कानूनी कार्रवाई करे.

ये है आरोप

जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम आनंद ने कहा कि भारद्वाज ने बीएन कॉलेज में राजनीतिक शास्त्र के प्रतिष्ठा की परीक्षा में असफल होने पर उसी सत्र में बिना माइग्रेशन सर्टिफिकेट लिए किसी अन्य विश्विद्यालय से बीए प्रतिष्ठा की डिग्री लेकर विभाग को झांसा में रखकर स्नातकोत्तर विभाग में नामांकन करा लिए हैं. एक ही विश्विद्यालय में दो-दो बार रजिस्ट्रेशन कैसे संभव हो गया. यही आधार नामांकन रद्द करने का पर्याप्त कारण है और जब एक नामांकन की अवैध है, तो ये किस हैसियत से छात्र संघ चुनाव प्रत्याशी बने.

ABVP को मिली थी बड़ी जीत

ABVP को इस साल पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के चुनावों में यह बड़ी सफलता मिली है. PUSU के अध्यक्ष पद पर जीते दिव्यांशु भारद्वाज भी ABVP से बागी निर्दलीय उम्मीदवार थे. उन्हें 1862 वोट मिले थे. उनके बाद JACP के गौतम आनंद को 1702 वोट मिले थे. इससे पहले वर्ष 2012 में हुए चुनाव में विद्यार्थी परिषद के हाथ सिर्फ अध्यक्ष का पद लगा था. महासचिव और उपाध्यक्ष पर एआईएसएफ ने कब्जा जमाया था. वहीं सचिव पर छात्र जदयू और कोषाध्यक्ष पर छात्र राजद ने जीत हासिल की थी.