कर्णपुरा से अकोढ़ी मेला रोड तक सड़क मरम्मत कार्य रोके जाने से क्षेत्रीय जनता में आक्रोश

कैमूर/भभुआ (ब्रजेश दुबे): कैमूर जिला के दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो से प्रखंड मुख्यालय दुर्गावती होते हुए कर्णपुरा से अकोढ़ी मेला रोड तक सड़क मरम्मत कार्य की शुरुआत 27 जून को होना था. जिसकी पुष्टि कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग मोहनिया तथा कनीय अभियंता सत्येंद्र प्रसाद लाल के द्वारा की गई थी. जिसको लेकर क्षेत्रीय जनता में काफी उत्साह था. लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी. काफी लोग निर्माण कार्य के लिए एकत्रित हुए थे.

लेकिन कनीय अभियंता सत्येंद्र प्रसाद लाल द्वारा दूरभाष के द्वारा बताया गया कि संवेदक ने कहा है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि सड़क का निर्माण कार्य करने से मना कर दिए हैं. और कहे हैं कि 10 दिन के बाद जब मैं आऊंगा तब उस रोड का नारियल फोड़कर शिलान्यास करूंगा. इसके बाद निर्माण कार्य को प्रारंभ किया जाएगा.



इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है. एक तरफ बरसात अपने चरम सीमा पर है. यह सड़क प्रखंड मुख्यालय का महत्वपूर्ण सड़क है, जो पूर्ण रूप से गड्ढे में तब्दील हो चुका है. ऐसी विषम परिस्थिति में निर्माण कार्य को रुकवा देना काफी अशोभनीय है.

ज्ञात हो कि उक्त सड़क का शिलान्यास जिला 20 सूत्री के प्रभारी मंत्री डॉक्टर अनिल कुमार के द्वारा स्टेशन रोड दुर्गावती आकर किया गया था तथा उनके द्वारा जिला प्रशासन के साथ व जनप्रतिनिधियों के साथ एक सभा की गई थी. उसमें जिले के बहुत सड़कों का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ. विषम परिस्थिति में जहां बरसात से सड़क पूर्ण रूप से नाले में तब्दील हो चुका है.

ऐसी परिस्थिति में सड़क निर्माण का कार्य रोकना अपने आप में जन मानस के साथ क्रूर मजाक है. इस सड़क का महत्व इसलिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सड़क प्रखंड मुख्यालय को जोड़ती है अब पूरे प्रखंड के लोग इस सड़क का उपयोग करते हैं. आज स्थिति बदतर हो चुकी है पानी के जमा हो जाने के कारण दुर्गंध आ रहा है. जनता नहीं समझ पा रही है की इतनी पुरानी सड़क के निर्माण कार्य को रोकना और उसके लिए नारियल फोड़ना क्या यही न्याय संगत है. एक तरफ जहां कोरोना महामारी से लोग निजात नहीं पा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ गंदगी के अंबार भंडारों से बीमारी की आशंका बनी रहती है.