दरभंगा: लोगों ने मुख्य सड़क पर धान रोपनी कर जताया विरोध, इलाका बाढ़ ग्रसित घोषित करने की मांग

दरभंगा : गुरुवार को वार्ड 17 गांधीनगर कटरहिया मोहल्ला के लोगों ने जलजमाव की समस्या का विरोध करते हुए मुख्य सड़क पर धन रोपनी कर अपना गुस्सा जाहिर किया है. लोगों ने कहा जल निकासी के नाम पर नगर निगम के द्वारा नाला बनाकर 28 लाख रुपए का घोटाला किया गया है.

नाला बन जाने के बावजूद भी पिछले 4 महीनों से जलजमाव की समस्या जस का तस बना हुआ है आखिर 28 लाख का नाला निर्माण किया ही क्यों गया यह लोगो के समझ से पड़े हैं. उल्टा एक तरफ का पानी ले जाकर दूसरे जगह छोड़ दिया गया आज नतीजा ये हैं की गांधीनगर मोहल्ला के साथ-साथ पूरा कटरहिया मोहल्ला भी डूब गया है.



पिछले अप्रैल महीना से पुरे इलाका के मुख्य सड़को और गलियों का यही हाल रहा हैं. नगर निगम स्थाई निदान तो नहीं दे सका लेकिन सेकड़ो नए घरो में पानी घुसाने का काम किया हैं लोगों का कहना हैं- चार महीनो से रोजी-रोटी पर असर पड़ा. इस मोहल्ला में छोटे रोजगार कर सैकड़ों लोग अपना जीवन व्यतीत करते हैं. दिन देहारी मजदूरी करने वाले के अलावा परम्परागत रूप से बिजनेस कर अपनी रोजी रोटी चलाने वाले में धोबी,बढ़ई,फल सब्जी विक्रेता दुकानदार शामिल हैं. जो इसी मोहल्ला के स्थानीय निवासी के साथ इसी मोहल्ला से रोजगार कर कमाते हैं.

छोटे दुकानदार जो छोटे चाय-पान का दुकान कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं. इन सब के ज़िन्दगी पर काफी बुड़ा असर परा हैं. मोहल्ला की सेकड़ो महिला जो पोछा बर्तन कर अपने घर चला रही हैं. सभी पर काफी असर परा हैं, हम लोगों की मांग है कि फिलहाल समस्या को देखते हुए पूरे गांधीनगर कटरहिया मोहल्ला इलाका को बाढ़ ग्रसित क्षेत्र घोषित करते हुए प्रत्येक परिवार को 6-6 हजार रुपया का मुआवजा के तौर पर जिया जाए.

स्थानीय युवक और मिथिला स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय प्रभारी अमन सक्सेना ने कहा इस इलाका को बाढ़ ग्रसित क्षेत्र घोषित करने के संबंध में कल ही नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जा चुका है. स्थानीय पार्षद मोहल्ला विरोधी है जिस कारण अभी तक नगर निगम प्रशासन को इस इलाका को बाढ़ ग्रसित क्षेत्र घोषित करने के लिए एक ज्ञापन तक नहीं दिया गया.

कल जब इस बारे में पार्षद पुत्र प्रदीप जी से बात किया गया तो उन्होंने कहा इस बाबत ज्ञापन नगर निगम को सौंपा जा चुका है, लेकिन नगर निगम कार्रवाई नहीं कर रहा आप आंदोलन कीजिए हम आपके साथ हैं. लेकिन वो झूट बोल रहे हैं. इनके द्वारा इस सम्बन्ध में कोई भी ज्ञापन अब तक नहीं सौंपा गया हैं.

जिसके विरोध में आज धन रोपनी कर स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया धन रोपनी में दर्जनों महिला ने सहभागिता निभाते हुए एक स्वर में कहा यह इलाका अब किसी काम का नहीं रहा अब यहां धान ही रोपा जा सकता है या फिर मछली पालन ही किया जा सकता है. इस धान रोपनी से जो भी अनाज पैदावार होगा. उसका आधा हिस्सा वार्ड पार्षद नगर निगम और नगर विधायक को भेजा जाएगा.

भले ही स्थानीय प्रतिनिधि हमारे बारे में सोचे ना सोचे लेकिन हम उनकी चिंता करते हैं आखिर इस जलजमाव का पूरा क्रेडिट भी उन्हीं लोग को जाता है, जिससे आज लोग धन रोपनी कर सके हैं इन लोगों की मांग है कि जलजमाव की समस्या का जल्द से जल्द स्थाई निदान के लिए दोनार से टी नहीं पुल तक नाला निर्माण कार्य तय समय सीमा के अंदर इस विधानसभा चुनाव से पूर्व किया जाए.

पिछले 4 महीना से जलजमाव की समस्या का ध्वंश झेल रहे मोहल्ला वासियो को मुआवजा के लिए पूरे इलाका को बाढ़ ग्रसित छेत्र घोषित किया जाए, अन्यथा एक सप्ताह के बाद एक बार फिर से गांधीनगर कटरहिया मोहल्ला वासी नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन की शुरुवात करेगा और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा. जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी स्थानीय प्रतिनिधि और नगर निगम प्रशासन की होगी. इस मौके पर राजीव राय नटवर शर्मा संतोष राय मुन्ना कामत संजय दास अमर दास शत्रुधन दास अरुण चौधरी,बालक राय सुनील राय विमल राय विकाश चौधरी रमेश दास समेत दर्जनों महिला उपस्थित रही.