सावन में लोग अचानक मनाने लगे छठ, गूंज रहे हैं गीत- ‘हम अर्घ्य देलै तोहार, बाढ़ से बचावा ऐ छठी मइया…’

लाइव सिटीज, पटना : महीना सावन का है. लेकिन छठ गीत गीत गूंज रहा है. जो भी सुन रहे हैं, चौंक जा रहे हैं. जब कार्तिक माह में गूंजने वाले गीत सावन में ही गूंजने लगे तो लोगों का चौंकना भी लाजिमी है. यह वाकया है बिहार के वैशाली जिले का. लोग बाढ़ से बचने को गुहार लग रहे हैं. छठी मइया से हाथ जोड़कर बाढ़ से बचाने की अपील कर रहे हें.

दरअसल, इस बार बिहार में मॉनसून अपने चरम रूप में है. इस साल वह समय से पहले आ भी गया है. इसकी वजह से जून में रिकॉर्ड बारिश हुई है. जुलाई में भी अच्छी खासी बारिश हो गई. अगस्त में भी मौसम मेहरबान ही है. इसकी वजह से बिहार में कई नदियां उफान पर हैं. उत्तर बिहार में तबाही मचाने के बाद अब पटना और वैशाली के इलाके में बाढ़ की स्थिति हो गई है. गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में लोग अब छठी मइया से बाढ़ से बचाने को गुहार लगा रहे हैं.

लोग हाथ में सूप व फल लेकर गीत गा रहे हैं- ‘हम अर्घ्य देलै तोहार, बाढ़ से बचावा ऐ छठी मइया… हाथ में दउरा लिये लोग छठी मैया को अर्घ्य दे रहे हैं. वैशाली का भगवानपुर इलाका छठ गीतों से गुलजार हो रहा है. लोग बताते हैं कि मई के लास्ट में आए यास तूफान के बाद से ही इलाके में भयंकर जलजमाव हो गया है. अब नदी में आई बाढ़ ने परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया है.

मिल रही जानकारी के अनुसार, आरजेडी कार्यकर्ताओं ने किरतपुर राजाराम गांव के कटवा पुल के पास बाढ़ के पानी में खड़े होकर छठ की तर्ज पर पूजा-अर्चना की. लोगों ने भगवान सूर्य को दउरा में फल-पकवान लेकर अर्घ्य दिया. बाढ़ के पानी में बैठकर कई कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना की. लोगों ने बताया कि यास तूफान के बाद से ही भगवानपुर प्रखंड बाढ़ में डूबा हुआ है. बाया नदी भी अब कहर बरपाने लगी है. हमलोग प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं. इसके बाद भी प्रशासन नहीं सुन रहा है. लोग बीमार पड़ने लगे हैं. जानवरों को भी भोजन नहीं मिल रहा है. स्थिति काफी भयावह होती जा रही है.