बहन के नाम पर पेट्रोल पंप, कई लग्जरी गाड़ियां, BPSC पेपर लीक कांड में गिरफ्तार DSP के पास करोड़ों की संपत्ति

लाइव सिटीज पटना: बीपीएससी पेपर लीक कांड में गिरफ्तार किए गए डीएसपी रंजीत रजक के खिलाफ ईओयू की कार्रवाई शुरू हो गयी है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बीएमपी पटना 14 में तैनात रहे और पिछले दिनों निलंबित हुए डीएसपी रंजीत रजक के कई ठिकानों पर शनिवार को एक साथ छापेमारी शुरू की. इस छापेमारी में ईओयू को रंजीत रजक के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति का पता चला है. ईओयू की टीम पटना, कटिहार और अररिया में रंजीत के ठिकानों पर रेड कर रही है. दो दिन पहले रंजीत रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था.

बीपीएससी पेपर लीक मामले में छापेमारी कर रही ईओयू को रंजीत रजक के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति का पता चला है. ईओयू की छापेमारी में पटना में रंजीत रजक के पास 51 लाख की प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है. वहीं बहन के नाम पर पेट्रोल पंप का भी खुलासा हुआ है. भले ही यह पेट्रोल पंप उनकी विवाहिता बहन के नाम पर है लेकिन इसमें सारा पैसा रजक का ही निवेश हुआ है. बीपीएससी पेपर लीक कांड में गिरफ्तार किए गए डीएसपी के पत्नी के नाम पर बैंक खातों में लाखों डिपॉजिट है. वहीं उनके द्वारा कई लग्जरी गाड़ियां खरीदने का भी खुलासा हुआ है. पेपर लीक कांड में गिरफ्तार डीएसपी रंजीत रजक के खिलाफ आय से 81% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है. वहीं रंजीत रजक के कई बैंक खातों में लाखों रुपए का पता चला है.

बता दें कि दो दिन पहले रंजीत रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था. उसके बाद कोर्ट से कार्रवाई के लिए परमिशन मांगा था. कोर्ट के आदेश पर ईओयू ने कार्रवाई शुरू कर दिया है. रंजीत के खिलाफ अकूत संपत्ति के सबूत मिलने पर ईओयू ने आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी. कटिहार के मनिहारी के गांव हंसबर स्थित पैतृक मकान में रेड चल रहा है. वहीं कटिहार में रंजीत के एक संबंधी के पेट्रोल पंप पर कार्रवाई चल रही है. अररिया के महादेव चौक पर भी ईओयू रंजीत के ससुराल में रेड कर रही है. वहीं पटना में रूपसपुर थाना के वीणा विहार स्थित किराए के मकान में EOU की टीम रेड कर रही है. बताया जा रहा है कि रंजीत रजक के कई रिलेटिव ईओयू के रडार पर हैं.

बतातें चलें कि बीपीएससी की 67वीं प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक मामले में शुक्रवार को आर्थिक अपराध इकाई ने बीडीओ जयवर्धन गुप्ता समेत नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. पटना एसडीजेएम के कोर्ट में दायर चार्जशीट में वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य योगेन्द्र प्रसाद सिंह, सहायक केन्द्र अधीक्षक अगम सहाय, प्रोफेसर सुशील सिंह, बड़हरा के बीडीओ जयवर्धन गुप्ता समेत 9 लोगों का नाम दर्ज है. सभी पर जालसाजी, धोखाधड़ी, फजीवाड़ा, षड्यंत्र, साक्ष्य को गायब करने, आईटी एक्ट और बिहार परीक्षा अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं. सभी नौ आरोपी अभी बेउर जेल में बंद हैं. वहीं इस मामले में डीएसपी रंजीत कुमार रजक समेत कुल 17 गिरफ्तारी हो चुकी है.