पीड़ितों के साथ रंगदारी मामले में नप गए फुलवारीशरीफ के थानेदार मो. कैसर आलम, लाइन हाजिर के आदेश

डीआईजी राजेश कुमार और पटना फुलवारी शरीफ के थानेदार मोहम्मद कैसर आलम

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. पुलिस स्टेशन में पीड़ितों के साथ रंगदारी बतियाने वाले पटना के एक थानेदार पर गाज गिर गई है. पत्रकार के साथ बदसलूकी और राह चलते युवक को जबरन हाजत में बंद करने के मामले में पटना के फुलवारी शरीफ के थानेदार मोहम्मद कैसर आलम नप गए हैं.

लगातार थानेदार के बदले रंगदार बन रहे मोहम्मद कैसर आलम के खिलाफ डीआईजी राजेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई कर दी है. मतगणना खत्म होते ही रंगदार थानेदार को लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया गया है. फुलवारी शरीफ के थानेदार कैसर आलम पर लगातार दूसरे दिन बेहद गंभीर आरोप लगा है। मंगलवार को थानेदार के उपर एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने और मारपीट के प्रयास का आरोप लगा था. जबकि बुधवार को फुलवारी शरीफ के ईशोपुर के रहने वाले अजमत ताज ने थानेदार के उपर गंभीर आरोप लगाया है.

आरोप है कि 19 मई की रात युवक होंडा सिविक कार फुलवारी शरीफ इलाके में खराब हो गई थी. जिसे बनवाने में काफी वक्त लग गया. जैसे ही गाड़ी ठीक हुई, उसी बीच पेट्रोलिंग पर निकले थानेदार मो. कैसर वहां पहुंचे. पहले अजमत से पूछताछ की. फिर चोरी का गाड़ी बोलकर उसे जब्त कर लिया और गाड़ी को थाने में खड़ा करा दिया गया. फिर अजमत को पूरी रात थाने में रखा गया. अगले दिन उसने घर से मंगाए गए गाड़ी के पूरे कागजात दिखाए. जिसमें से कुछ कागजात को फाड़ देने का आरोप भी थानेदार के उपर लगा है.

इस युवक का आरोप है कि कागजात लेकर थाने पहुंची उसकी वाइफ के साथ भी मारपीट करने की कोशिश की गई। काफी गाली- गलौज किया किया गया. अजमत के साथ- साथ उसके एक भाई को भी थाने के सेल में बंद कर दिया गया था. कार को अजमत ने कुछ दिनों पहले दिल्ली से खरीदा था. कार सेकेंड हैंड है. जिस डीलर से कार खरीदी गई थी, उससे भी थानेदार की बात कराई गई. लेकिन थानेदार ने उसकी बात भी नहीं सुनी.

पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार और अजमत ताज का मामला सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार के संज्ञान में आ चुका है. दोनों ही मामलों को डीआईजी ने काफी गंभीरता से लिया है. पत्रकार मामले की जांच पटना के सिटी एसपी वेस्ट अभिनव कुमार पहले से ही कर रहे हैं. नए मामले की जांच की जिम्मेवारी भी उन्हें दी गई है. डीआईजी ने राजेश कुमार ने एसएसपी गरीमा मलिक को स्पष्ट निर्देश देते हुए फुलवारी शरीफ के थानेदार मो. कैसर को हटाने को कहा है.

अपने निर्देश में डीआईजी ने कहा है कि आचार संहित खत्म होते ही थानेदार को लाइन हाजिर किया जाए. उनका लाइन क्लोज किया जाए. गौरतलब है कि मंगलवार को एक दैनिक अखबार के संवाददाता जब मर्डर के एक मामले की कवरेज के लिए गए थे तब थानेदार ने उनसे गालीगलौज करते हुए मारपीट की कोशिश भी की थी.

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