अब बीजेपी को सताने लगे मल्लाह वोट, PM मोदी ने कर दी मछुआरा मंत्रालय बनाने की घोषणा

पीएम मोदी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीति गरम है. पीएम नरेंद्र मोदी लगातार चुनावी सभा कर रहे हैं. इसी कड़ी में मुज़फ्फरपुर में पताही हवाई अड्डा पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बैनर तले विजय संकल्प रैली का आयोजन किया गया. जिसमे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए मुजफ्फरपुर से एनडीए के भाजपा प्रत्याशी सांसद अजय निषाद, वैशाली के एनडीए के लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी को जिताने की अपील की.

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने मछुआरों के लिए बड़ी घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनते ही मछली पालन के लिए मछुआरा मंत्रालय का निर्माण करेंगे. हम इस बार मछुआरों की तरक्की के लिए अलग से मंत्रालय बनाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि पानी के सही इस्तेमाल के लिए अलग से जल शक्ति मंत्रालय भी बनाएंगे. वीडियो देखें… 

दरअसल, मल्लाह जाति पहले बीजेपी को वोट देते आ रहे थे. मछुआरों के लिए आवाज उठाने वाले मुकेश सहनी 2014 के लोकसभा चुनाव में NDA के सहयोगी भी थे. लेकिन, इस बार खेल कुछ अलग है. मछुआरों की मांग नहीं पूरे किए जाने से नाराज हो कर मुकेश सहनी ने VIP पार्टी बना इस बार वे महागठबंधन के साथ हो गए हैं. महागठबंधन ने उनको 3 सीट दिया है. जिसको देखते हुए पीएम मोदी ने बीजेपी से नाराज चल रहे मल्लाहों को मनाने के लिए यह तोड़ निकाला है.

बिहार के मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी की रैली की मुख्य बातें :

1 – कुछ ताकतें बिहार को जाति, समाज के आधार पर बांटकर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहती हैं, अपने भ्रष्टाचार, काले कारनामों को छिपाना चाहती हैं क्योंकि उनका इरादा है कि दिल्ली में कमजोर सरकार बने ताकि ये फिर से मनमानी कर सकें.

2- प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की सहयोगी राजद के प्रमुख लालू प्रसाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि वे ताकत हासिल कर लेते हैं, तो बिहार में अराजकता के दिन वापस आ जाएंगे. मोदी ने कहा कि वे (लालू प्रसाद) जमानत पाने के लिए अदालत के चक्कर काट रहे हैं और इसलिए दिल्ली में मजबूत सरकार से डरते हैं.

3- ये चाहें कितनी भी कोशिश कर लें, कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अभियान हमने चलाया है, उसकी रफ्तार धीमी नहीं पड़ेगी और जो बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, फॉर्म हाउस खड़े हुए हैं, उसका भी हिसाब देना होगा.

4- याद करिए, वो दिन जब देश के बड़े-बड़े शहरों में कभी ट्रेन में, बाजार में, बस में, मंदिर में, रेलवे स्टेशन पर बम धमाके हुआ करते थे. बम धमाकों के उस दौर में कांग्रेस और उसके साथी, कैसे कमजोरों की तरह बर्ताव करते थे.

5- जितने भी महामिलावटी दल हैं उनमें ज्यादातर इतनी सीटों पर भी नहीं लड़ रहे कि लोकसभा में नेता विपक्ष का पद भी प्राप्त कर सकें. जिनके नसीब में नेता विपक्ष का पद नहीं है वो प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं.

6- फिर से ये लोग बिहार में गिद्ध दृष्टि जमाए हैं. ये बिहार को जाति, समाज के आधार पर बांटकर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं. अपने भ्रष्टाचार, काले कारनामों को छिपाना चाहते हैं. उनका लक्ष्य है कि दिल्ली में कमजोर सरकार बने ताकि ये फिर से मनमानी कर सके.

7- इनकी ज़मीन खिसक रही है, क्योंकि 5 वर्ष में सबका साथ-सबका विकास की राजनीतिक संस्कृति हमने विकसित की है. सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं को 10% आरक्षण, सामाजिक सद्भाव का एक बहुत बड़ा प्रयास है, क्योंकि यह किसी दूसरे वर्ग के हक़ को छेड़े बिना दिया गया है.

8- हमने देश को लाल बत्ती की संस्कृति से बाहर निकाला है और गांव-गांव को एलईडी बल्ब की दूधिया बत्ती से रोशन हो गया है.

9- हमने गांव-गांव में गरीब बहनों के घर में इज्जत घर यानि शौचालय देने का काम किया है. हमने उन गरीब बहनों तक मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंचाने का काम किया है जो गरीब मां और बहनें पूरी उम्र धुएं में जीने को मजबूर थी.

10- 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे और फिर एक बार मोदी सरकार आएगी. तब हम बिहार के सभी किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने वाले हैं. फिलहाल इसके लिए 5 एकड़ की जो सीमा है वो हटा दी जाएगी.