मॉब लिंचिंग पर पुलिस विभाग ने मानी गलती, एडीजी बोले – गांव में तनाव को नहीं समझना बड़ी चूक

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के नालंदा जिले में हुई मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर अब प्रशासन ने चुस्ती दिखाई है. वहीं इस मामले को लेकर पुलिस ने अपनी चूक को माना है. इस पूरे मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है. डीआईजी ने इस पूरे मामले को लेकर रिपोर्ट मंगाई है. आपको बता दें कि दो दिन पहले ही बिहार के नालंदा जिले में मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई थी. इस मामले में दों लोगों की मौत हो गई थी.

पुलिस हेडक्वॉटर ने ली है मामले की संज्ञान

मिल रहीं जानकारी के अनुसार इस पूरी घटना को पुलिस ने अब सिरियसली लिया है. पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि इस पूरे मामले को लेकर सीधे पुलिस हेडक्वॉटर ने संज्ञान लिया है. डीआईजी राजेश कुमार ने लिंचिंग की इस घटना की पुरी रिपोर्ट अपने टेबल पर मंगवाई है. वहीं मामले को लेकर आज एडीजी कुंदन कृष्णन ने पुलिस की गलती को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में पुलिस से चूक हुई है. हम गांव में पनप रहे तनाव को भांपने में नाकाम रहे. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

बताते चलें कि नालंदा में तनाव तब फैला जब मंगलवार की रात रात बदमाशों ने आरजेडी नेता इंदल पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी. ​इसके बाद बुधवार को शव मिलने से इलाके में तनाव फैल गया. इस पूरे मे गांव के ही चुनीलाल को लोगों ने आरोपी बताया. लोगों को मानना है कि हत्या को अंजाम देने के बाद वह खुद घर में आग लगाकर फरार हो गया. चुनीलाल को लेकर गांव वालों की भीड़ ने उसके करीबी रंजन यादव और संजू पासवान की पीटाई की. जिसके कारण इन दोनों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में हत्या आपसी रंजिश के कारण होना बताया जा रहा है. एहतियातन तौर पर यहां भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात किया गया है.

मवेशी चोरी के शक में मार डाला

मॉब लिंचिंग की तीसरी घटना अररिया से आई. यहां गांववालों ने मवेशी चोरी के शक में मोहम्मद काबुल नाम के एक शख्स की बुरी तरह पिटाई कर दी. घटना शनिवार देर रात की है. बुधवार को इसका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई. पुलिस का कहना है कि काबुल पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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