लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : नए ट्रैफिक नियमों के लागू होने बाद देश भर में पुलिस मोटर वाहनों की सघन जांच अभियान चला रही है. जांच के दौरान ट्रेफिक पुलिस काफी सख्त दिख रहे हैं और काफी लोगों का चालान कट चुका है. लेकिन वहीं कई पुलिसवाले ऐसे दिखे जो नए ट्रैफिक नियमों का खुलम खुला मजाक उड़ा रहे थे. खुद नियमों का पालन नहीं कर रहे थे. इससे अब लोगों में धीरे-धीरे आक्रोश पनपने लगा है. इसी के मद्देनजर पुलिस परिवहन मुख्यालय ने बुधवार को आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मी नहीं बख्शे जाएंगे.

आदेश के अनुसार ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों पर दोगुना जुर्माना लगेगा. जुर्माने की राशि उनके वेतन से काटी जाएगी. वहीं उन पर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की भी अनुशंसा होगी. पुलिस परिवहन मुख्यालय का यह आदेश पुलिस कांस्टेबल से लेकर अधिकारियों तक पर भी लागू होगा.

बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव किया गया है. यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से और अधिक सख्ती बरती जा रही है. मोटर वाहन (संशोधित) अधिनियम 2019 एक सितंबर से बिहार में भी लागू हो गया है. सरकार का कहना है कि जुर्माने की राशि बढ़ाने का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को नियंत्रित करना है.

वाहन चलाते समय हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माने की राशि 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है. बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, स्पीडिंग-रेसिंग के मामले में अब 500 रुपये की जगह 5000 रुपये जुर्माना देना होगा. बिना परमिट का वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये के बजाय 10 हजार रुपये तक किया गया है. नशे में ड्राइविंग करने पर 10 हजार जुर्माना और छह माह का कारावास का प्रावधान किया गया है. इस मामले में दोबारा पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना और दो वर्षों का कारावास का प्रावधान किया गया है.

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