बचाव ही कोरोना वायरस का सबसे कारगर निदान : डॉ. दिनकर मिश्रा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : कोरोना वायरस से पूरा देश फिलहाल जंग लड़ रहा है. वहीं, पूरे प्रदेशों में लॉक डाउन लागू है. कहीं-कहीं लोग इसकी अनदेखी भी कर रहे हैं. इस स्थिति को हर लिहाज से खतरनाक माना जा रहा है. चिकित्सक भी मानते हैं कि लॉक डाउन के जरिए ही कोरोना पर काबू पाया जा सकता है. डॉ. दिनकर मिश्रा के अनुसार बचाव ही इसका सबसे कारगर निदान है. इसमें स्वास्थ्य विभाग व सरकार की ओर से जारी सलाह को खुद की जिम्मेवारी समझ स्वयं पालन करना चाहिए. इसके निर्धारित लक्षण महसूस होने पर खुद जांच के लिए आगे आना चाहिए, ताकि इसके फैलाव को रोका जा सके.

उन्होंने कहा कि कोराना वायरस एक फैमिली है. कोरोना वायरस कई किस्म के होते हैं. इनमें से छह को ही लोगों को संक्रमित करने के लिए जाना जाता था, परंतु एक नये वायरस कोवीआइडी 19 का पता लगते ही यह संख्या बढ़कर सात हो गई है.



इन लक्षणों पर तत्काल हों सजग

सिरदर्द, नाक बहना, खांसी, गले में खरास, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, छींक, थकान महसूस होना, निमोनिया, फेफड़ों में सूजन कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं. सामान्य राइनो वायरस अपर रिशपेरेट्री तक को इंफेक्ट करता है, लेकिन कोरोना अपर और लोवर दोनों रिस्पेरेट्री ट्रेक्ट को इंपेक्ट करता है. ऐसे लक्षण महसूस होते ही तत्काल जांच के लिए अस्पताल पहुंचना चाहिए.

साइलेंट कैरियर होते हैं घातक

कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने का कारण सीवियर ऐक्यूट रिस्पैरेट्री डिजीज सिंड्रोम (सारस) मल्टीपल ओरगेन फेल्योर होना रहा है. दुनियां के कई देश ऐसे हैं जहां यह वायरस पहुंच चुका है. वायरस का प्रसार संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होता है. इसको विज्ञान की भाषा में ड्रॉप-लेट इंफेक्शन कहते हैं. संक्रमित व्यक्ति के छींक, खांसी या किसी भी तरह के संपर्क में आने से वायु मार्ग के जरिये स्वस्थ व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आ जाता है. यह जरुरी है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचा जाए.

यद्यपि ऐसा भी नहीं है कि हर संक्रमित व्यक्ति में बीमारी का लक्षण दिखाई देता है. किसी-किसी व्यक्ति का आंतरिक प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है. इसके वजह से कोरोना संक्रमण के लक्षण ऐसे व्यक्ति में देर से आता है. ऐसे व्यक्ति को साइलेंट कैरियर कहते हैं. समाज को ऐसे साइलेंट कैरियर से ज्यादा खतरा है. ऐसे एक संक्रमित व्यक्ति 1600 लोगों को संक्रमित कर सकता है. इसके लिए लॉक डाउन जैसे प्रयोग होते हैं और इसका सबको पालन करना चाहिए.

क्या-क्या बरतें सावधानी

खांसते या छींकते वक्त रूमाल का इस्तेमाल करें. साबुन या सैनिटाइजर से हाथ को साफ रखें. बाहर से आने वाला सामान यथा दूध का पैकेट, कुरियर आदि को पहले कड़ी धूप में रख दें. धूप की वजह से सरफेश पर वायरस का लोड कम हो जाता है. इससे इंफेक्शन की संभावना कम रहती है.