लाइव सिटीज पटना : जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में सीबीआई जांच पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक सांसद पप्पू यादव और सांसद रंजीता रंजन की पहल पर संभव हो सका. सांसद पप्पू यादव ने मुजफ्फरपुर मामले को शुरू से उठाया और जन आंदोलन भी किया. इसके बाद सदन में पूरे दमखम से इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सदन में सीबीआई जांच की बात कही थी.

जाप के अनुसार गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि बिहार में इस तरह की जघन्य कांड मानवता को शर्मसार करने वाली है. इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए, लेकिन अफसोस इस बात का है कि केंद्र सरकार की ओर से मांगे जाने के बाद भी अनुशंसा करने में नीतीश कुमार ने दो दिन लगा दिये. अब जाकर गुरुवार को सीएम ने इस ‘महापाप’ की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है.

एजाज अहमद ने कहा कि उम्मीद है कि सीबीआई इस मामले की पूरी जिम्मेवारी से जांच कर सारे दोषियों को सजा दिलवाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि मुजफ्फरपुर बालिका आवास गृह में यौन उत्‍पीड़न सह 6 बालिकाओं के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश हो जाने के बाद अब जन अधिकार महिला परिषद ने 27 जुलाई को आहूत बिहार विधानसभा का घेराव कार्यक्रम रद्द कर उसमें कुछ तब्दीली कर दी है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले पप्पू यादव, मुजफ्फरपुर मामले से लेकर सुखाड़ तक पर हुईं बातें

उन्होंने बताया कि अब महिला परिषद मुजफ्फरपुर मामले में संलिप्‍त बिहार सरकार की मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा की अविलंब गिरफ्तारी और मंत्री के इस्‍तीफे की मांग की है. साथ ही इसे लेकर 27 जुलाई को ही पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर आरोपी नेताओं का पुतला फूंकने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि मामले में गिरफ्तार सीपीओ रवि रौशन की पत्नी शिभा कुमारी ने मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा पर बालिका गृह में हमेशा जाते रहने का आरोप लगाया है. हालांकि मंत्री मंजू वर्मा ने शिभा कुमारी के आरोप को बेबुनियाद बताया है.