पढ़ें पूरा Order, क्यों रद हुआ है PU के प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट का इलेक्शन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना यूनिवर्सिटी में 5 साल बाद बड़े हंगामे के बीच हुआ स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन अभी अपने अंजाम तक पहुंचता नहीं दिख रहा है. PUSU इलेक्शन में जीते प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट का इलेक्शन रद कर दिया गया है. दोनों पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनी कमिटी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट पटना यूनिवर्सिटी के VC रास बिहारी प्रसाद सिंह को सौंप दी थी. आज उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर PUSU के प्रेसिडेंट पूर्व ABVP नेेता दिव्यांशु भारद्वाज और वाइस प्रेसिडेंट ABVP की योषिता पटवर्धन के इलेक्शन को अवैध करार दिया है.

PUSU के सेंट्रल पैनल में जीते 5 कैंडिडेट्स में से 3 कॉलेज डिग्री और एडमिशन में अनियमितता के आरोप लगे थे. ABVP के स्टूडेंट लीडर्स के साथ ही पैनल में जॉइंट सेक्रेटरी पद पर चुने गए JACP के मो. आजाद चांद पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे. हालांकि जांच कमिटी ने मो. चांद पर लगे आरोपों को सही नहीं माना है. आगे देखें VIDEO, जीतकर LiveCities से क्या बोले थे PUSU प्रेसिडेंट दिव्यांशु भारद्वाज…

लाइव सिटीज के पास पटना यूनिवर्सिटी के VC द्वारा जारी आदेश है, जिसमें कारणों सहित बताया गया है कि दोनों निर्वाचित स्टूडेंट लीडर का इलेक्शन क्यों रद किया गया है. नीचे आप पहले आदेश का पहला पन्ना देखिये :

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PU VC के आर्डर का पहला पेज

इसमें स्पष्ट है कि प्रेसिडेंट दिव्यांशु भारद्वाज को UGC के नियमों की अवहेलना करने का दोषी पाया गया है. इसी पेज में नीचे वाइस प्रेसिडेंट योषिता पटवर्धन के बारे में भी कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर किया गया फैसला है. पटवर्धन को भी अपने प्रमोटेड होने का गलत एफिडेविट देने का दोषी माना गया है. इन वजहों से दोनों का इलेक्शन रद करते हुए आगे की कार्रवाई की बात कही गई है.

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PU VC के आर्डर का दूसरा पेज

अगले पेज में जॉइंट सेक्रेटरी मो. चांद के बारे में कमिटी के फैसले की जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि चांद के खिलाफ आरोप लगाने वाली जो याचिकाएं डाली गई हैं, उनमें याचिकाकर्ता के हस्ताक्षर ही नहीं है. इसे PUSU नियमावली के साथ ही बिहार सरकार के पूर्व मुख्य सचिव जी एस कंग द्वारा दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना माना गया है.

फिलहाल PUSU प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट का इलेक्शन रद होने के बाद अब सेंट्रल पैनल तीन सदस्यों के साथ ही कार्य करेगा. उधर इस आदेश के बाद पूर्व प्रेसिडेंट दिव्यांशु भारद्वाज ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोर्ट जाने तक की बात कही है. उन्होंने इस निर्णय के खिलाफ बड़े आन्दोलन की चेतावनी भी दी है.

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