स्वच्छता के मामले में 105वें स्थान पर राजधानी पटना, मेयर सीता साहू ने सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सुशील मोदी को दी बधाई

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के नतीजे गुरुवार को घोषित हो गए. बिहार के सभी शहरी निकाय एक बार फिर फिसड्डी साबित हुए. राजधानी पटना सहित कोई भी निकाय वरीयता सूची में अपनी जगह नहीं बना सका. दस लाख से अधिक आबादी वाले देश के 47 निकायों की रैंकिंग में पटना अंतिम पायदान पर रहा. इसी तरह देश के 62 छावनी क्षेत्रों में दानापुर छावनी को भी स्वच्छता के मामले में अंतिम स्थान मिला है.

राज्य में सबसे ज्यादा फोकस राजधानी पर रहता है। करोड़ों खर्च करके भी पटना की र्रैंकिग सुधर नहीं पा रही. 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश में 47 निकाय हैं. इनकी र्रैंकंग में पटना सबसे फिसड्डी साबित हुआ है. पटना को 6000 में से सिर्फ 1552.11 अंक मिले हैं. यानी पटना का अपनी कैटेगरी वाले निकायों में देश में सबसे खराब प्रदर्शन रहा है. दानापुर छावनी भी अपनी कैटेगरी में अंतिम स्थान पर रही है. इसको लेकर पटना की मेयर सीता साहू बहुत खुश हैं.



मेयर सीता साहू ने अपनी नाकामी और पटना को सबसे गंदे शहर का दर्जा मिलने के बाद खुशी जताई है. सीता साहू ने कहा कि आज मुझे बहुत खुशी हो रही है कि पटना शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में 150 वां स्थान प्राप्त हुआ है. पटना नगर निगम द्वारा पिछले 3 वर्षों में पटना को सुंदर एवं स्वस्थ रखने का जो जमीनी प्रयास किया गया और इस प्रयास को सफल ही भूत करने में पटना के नागरिकों ने भी अपना बहुमूल्य योगदान एवं सहयोग दिया. उसी का परिणाम है कि पटना शहर को यह गौरव प्राप्त हुआ है. पिछले वर्ष पटना की रैंकिंग देश भर में 318वां था. भारत के 4242 बड़े शहरों में 105 वां स्थान बिहार के पटना को प्राप्त हुआ है.

सीता साहू ने सीएम नीतीश और सुशील मोदी को बधाई दी है. मेयर सीता साहू ने इसके लिए वार्ड पार्षद को भी धन्यवाद कहा है.