लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 23 फरवरी से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बेरोजगारी हटाओ यात्रा की शुरुआत पटना से करेंगे. इसके लिए उन्होंने एक रथ तैयार किया है जिससे वह घूम-घूम कर बेरोजगारी हटाओ यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. इसको लेकर सियासी बयानबाजियां भी शुरु हो गईं हैं.

तेजस्वी यादव के बेरोजगारी हटाओ यात्रा और उसके लिए तैयार किए रथ को लेकर विपक्ष उनपर निशाना साध रहा है. इसी क्रम में जन अधिकार पार्टी के युवा परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष राजू दानवीर ने भी तेजस्वी पर निशाना साधा है.

क्या जनता के मुद्दों को उठा पाएंगे

राजू दानवीर ने कहा है कि इतना खर्च कर तेजस्वी ने अपने लिए वोल्वो बस तैयार किया है. लेकिन क्या सच में इससे जनता के मुद्दों को उठा पाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि तेजस्वी को यह विचार करना चाहिए कि आगामी 24 फरवरी से बिहार विधानमंडल में बजट सत्र की शुरुआत होनी है. लेकिन 23 फरवरी से ही वह बिहार की यात्रा पर निकलेंगे तो फिर सदन के अंदर जनहित के मुद्दे कौन उठाएगा. जब सदन में सवाल उठाने का समय रहेगा उस वक्त वह सदन से गायब रहेंगे. क्या ऐसे ही तेजस्वी विपक्ष की सही भूमिका अदा करेंगे.

उन्होंने इस यात्रा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि पटना में जब जलजमाव हुआ उस वक्त हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव जी ने घूम-घूम कर लोगों की मदद की. उस समय न सत्तापक्ष दिखाई दिया और न बिहार का विपक्ष. लेकिन अब जब विपक्ष को चाहिए कि एक महीने तक चलने वाले इस सदन की कार्यवाही के दौरान जनसरोकार से जुड़ा सवाल उठाया जाए तब विपक्ष के नेता ही गायब रहेंगे. क्या यह जनता के हित में है.

जनता को करना चाहिए विचार

आगे बोलते हुए राजू दानवीर ने कहा कि जनता को विचार करना चाहिए कि उनके रोजगार को लेकर के कोई भी मुद्दा हो, दारोगा अभ्यर्थी का मुद्दा हो या फिर नियोजित शिक्षकों का मुद्दा हो, जब सदन में बोलने का मौका दिया जा रहा है उस वक्त सदन से बाहर रहना क्या यह जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद करना नहीं है. उन्होंने जनता से मांग की है कि इस बार के चुनाव में एक अच्छा विकल्प चुनें, जो जब सदन की कार्रवाई चले तब सदन में अपना आवाज बुलंद करें और जब जनता को जरूरत हो तब उनके बीच में भी रहे.

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