चुनाव से पहले भाजपा ने साजिश के तहत जाप से छीना पार्टी सिंबल, जनता देगी करारा जवाब : राजू दानवीर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जन अधिकार पार्टी के नेता सह पप्पू ब्रिगेड के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू दानवीर ने आज बिहार विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी का चुनाव चिन्ह बदले जाने को भाजपा की गहरी साजिश बताया. हिलसा पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी जनता की पार्टी है, जिसके लोकप्रियता बिहार में तेजी बढ़ी है. बिहार 243 विधानसभा क्षेत्र की जनता का झुकाव पप्पू यादव जी और जन अधिकार पार्टी की ओर है. इससे भाजपा डर गयी. यही वजह है कि चुनाव से पहले भाजपा ने यह चाल चली है और हमारी पार्टी का चुनाव बदल कर कैंची करवा दिया गया है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि हर विपदा में उनके साथ कौन खड़ा होता है. कोरोना महामारी जहां एक ओर जाप अध्यक्ष पप्पू यादव और हमारी पार्टी अपनी जान जोखिम में डाल कर जरूरतमंद बिहारियों की मदद करती है, वहीं भाजपा के नेता घर में बैठकर रामायण देखते हैं. जहां पप्पू यादव और हम सब मिलकर पटना बाढ़ में दिन रात एक करके कमर भर पानी में जाकर लोगों तक खाना पानी पहुंचते हैं, वहीं भाजपा के उपमुख्यमंत्री जनता को मुसीबत में हाफ पेंट पहनकर भाग खड़े होते हैं. स्थानीय भाजपा विधायक को डेंगू हो जाता है.



राजू दानवरी ने कहा कि चमकी बुखार में जहां पप्पू यादव एम्बुलेंस व दवाई लेकर जाते हैं, उस वक़्त भाजपा के मंत्री को मर रहे बच्चों से ज्यादा भारत – पाकिस्तान के मैच के स्कोर की फ़िक्र होती है. एक ओर प्रधानमंत्री हैं कि कोरोना का प्रकोप जारी रहेगा, तो फिर ये भाजपा बिहार की जनता का जान जोखिम डाल चुनाव करने को आतुर हैं. प्रदेश की जनता इनकी बेताबी और कारगुजारियों को जानती है. इसलिए चुनाव से एन पहले गलत तरिके से हमारी पार्टी का सिंबल बदला गया है.

जाप नेता ने आगे कहा कि भाजपा बिहार चुनाव में किसी भी प्रकार से जीतना चाहती है. इसी कारण से हमारी पार्टी का चुनाव चिन्ह चुनाव के कुछ दिन पहले बदला गया, जबकि हमारी पार्टी दो बार से पहले वाले चिन्ह पर ही चुनाव लड़ती आ रही थी, लेकिन इस बार अचानक इसे बदल दिया गया. लेकिन जनता उनकी इस नापाक साजिश को मुंहतोड़ जवाब देगी और ‘कैंची’ के सहारे ही बिहार की जनता भ्रष्टाचारियों और लुटेरों के पर कतरेगी. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि कैंची बिहार की जनता का अपना चुनाव चिन्ह हो. कैंची इस बार जनता के सामने एक विकल्प के रूप में होगी. आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत तय है. जाप के एक-एक कार्यकर्ता बिहार में बदलाव के वाहक बनेंगे.