नीतीश कुमार ने बदल दी है बिहार में बेटियों की शिक्षा की तस्वीर, हर क्षेत्र में गाड़ा झंडा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: ट्यूसडे टॉक को लेकर रणवीर नंदन ने कहा कि बिहार के छात्र और छात्राओं के बीच बहुत बड़ी जागरूकता हुई. कोरोना काल में भी छात्र जेडीयू यह निरंतर प्रयास कर रहा है कि सरकार द्वारा कॉलेज, स्कूल और कोचिंग संस्थानों के लिए जो योजनायें बनी हैं उनका लाभ मिले.

नीतीश कुमार के कार्यकाल में बेटियों का शैक्षणिक विकास – कोरोना काल में भी बेटियां मेहनत कर रही हैं. बिहार की महिला डॉक्टर्स, नर्सों ने जिस कमिटमेंट से काम किया है, यह दर्शाता है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधी आबादी के संदर्भ में कितना काम किया आज वो प्रदर्शित हो रहा है.



रणवीर ने आगे कहा कि नीतीश कुमार विकास की मूल कल्पना को लेकर आगे चले हैं. जिसका आधार प्रायोरिटी ऑफ़ एजुकेशन रहा है. शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ- साथ उन्होंने महिलाओं के शिक्षा पर पूरा जोर दिया है. इसी के कारण ही राज्य का विकास हो सकता है और बिहार की बेटियां शिक्षा का पटाखा देशभर में फहरा सकती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश सरकार ने स्कूल के शिक्षकों की संख्या बढ़ाई, उनके बेहतरी के लिए काम किया. उन्हें सभी सुविधाओं से लैस किया गया. स्कूल के भवनों को ऐसा बनाया गया कि जहां अब प्रवेश करने पर मंदिर में आने जैसा लगता है. नीतीश कुमार ने बेटियों की पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहन दिया. छात्र- छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए विद्यालय की संख्या में भी इजाफा हुआ. 22,000 से स्कूल खोले गए हैं. आज गांवों में भी स्कूलों में इजाफा हुआ है.

आज स्कूल में छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं ज्यादा है, बेटियां किसी भी सूरत में बेटों से कम नहीं हैं. यह सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारण संभव हो पाया है. उन्हीं के प्रयास से पोशाख योजना, साइकिल योजना का लाभ बेटियों को मिला. यहां तक की केजी से लेकर पीजी तक उन्होंने मुफ्त में शिक्षा उपलब्ध कराई, यह बेटियों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.