मुश्किल में RCP सिंह, जदयू नेता के घर क्या CBI का छापा पड़ेगा?, जानें उपेंद्र कुशवाहा का जवाब

लाइव सिटीज पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पर उनकी ही पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए नोटिस भेजा है. आरसीपी सिंह पर जदयू में रहते हुए अकूत संपत्ति बनाने का आरोप है. जदयू ने आरसीपी सिंह को इस मामले में नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. जदयू का आरोप है कि आरसीपी सिंह ने पार्टी में रहते हुए करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति अपने और अपने परिवार नाम कर दी. जिसको लेकर जेडीयू के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. जेडीयू के इस नोटिस से बिहार में राजनीतिक घमासान मच गया है. वहीं इस मामले में जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बहुत ही गंभीर मामला है, आरसीपी सिंह को इसका जबाब देना चाहिए.

आरसीपी सिंह पर लगे गंभीर आरोप पर जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन पर जो आरोप लगा है, वह बहुत ही गंभीर मामला है. आरसीपी सिंह को इसका जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह का जवाब आने के बाद ही पार्टी आगे कार्रवाई करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां भी जांच के लिए स्वतंत्र है. यानी आरसीपी सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. बीते दिनों जेडीयू के एक सभा में आरसीपी सिंह के समर्थन में मुख्यमंत्री कैसा हो, आरसीपी सिंह जैसा हो के नारे लगे थे. जिसको लेकर भी उपेंद्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था कि कोई भी पार्टी अनुशासनहीनता बर्दाशत नहीं करती है.

बता दें कि बिहार जेडीयू के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजकर अकूत संपत्तियों और अनियमितताओं पर जवाब मांगा है. उमेश कुशवाहा के द्वारा भेजे गए पत्र सह नोटिस में पूछा गया है कि नालंदा जिला के दो साथियों का साक्ष्य के साथ परिवाद प्राप्त हुआ है. जिसमें यह उल्लेख है कि अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार आपके एवं आपके परिवार के नाम से वर्ष 2013 से 2022 तक अकूत अचल संपत्ति निबंधित की गई है. इसमें कई तरह की अनियमितताएं नजर आ रही हैं. जदयू ने आरसीपी सिंह से पूछा कि आप इस बात से अवगत हैं कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस पर काम करते हैं और इतने लंबे सार्वजनिक जीवन के बावजूद नेता पर कभी कोई दाग नहीं लगा और ना उन्होंने कोई संपत्ति बनाई. इसलिए निर्देशानुसार पार्टी आपसे अपेक्षा करती है कि परिवाद के बिंदुओं पर बिंदुवार अपनी राय से पार्टी को तत्काल अवगत कराएं .