महिला मरीज की मौत को लालू ने बताया झूठ, तेजस्वी ने सरकार के ‘भोंपू चैनलों’ पर बोला हमला

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लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

पटना : गुरुवार को राजद के बिहार बंद के दौरान हुई एक महिला की कथित मौत मामले में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि जिस महिला की मौत की खबर टीवी चैनलों पर दिखाई गई है, उसकी मौत बंद के दौरान नहीं हुई. लालू प्रसाद ने कहा कि उन्हें दक्ष हार्ट केयर हॉस्पिटल से पता चला है कि उक्त महिला का इलाज आउटडोर पेसेंट के रूप मे विगत 14 दिसम्बर से डॉक्टर विकाश सिंह की देखरेख मे चल रहा था. इलाज के क्रम में पटना में ही गुरुवार को उनकी मृत्यु हो गई थी. परिजन शव को लेकर पटना से वापस महनार जा रहे थे. इसी दौरान न्यूज़ चैनलों ने बंद की वजह से मौत की खबर दिखानी शुरू कर दी है.

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राजद सुप्रीमो ने न्यूज़ चैनलों द्वारा इस भ्रामक प्रचार की निंदा करते हुए अपील की है कि बिना पुष्टि के ऐसे भ्रामक समाचार को ब्रॉडकास्ट न करें. इस घटना को लेकर उनके बेटे पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी कुछ न्यूज़ चैनलों पर सवाल खड़े किये हैं. तेजस्वी ने गुरुवार देर शाम ट्वीट कर दक्ष हार्ट केयर हॉस्पिटल की रिपोर्ट को साझा किया है. इस रिपोर्ट के साथ तेजस्वी ने कहा है कि बंद के दौरान एम्बुलेंस में मौत की जिस झूठी ख़बर को सरकार का एक भोंपू चैनल अपने जीवन-मरण का सवाल बनाए हुए है, वह सफ़ेद झूठ का कारोबार कर रहा है. मृतक छाहारिया देवी की कल पटना में इलाज के क्रम में मौत हो गई थी. जिसे यह बिकाऊ चैनल आज बंद के कारण हुई मौत बता रहा है.

तेजस्वी ने लगातार कई ट्वीट कर बंद में मरीजों की हुई असुविधा की ख़बरों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा – सरकारी विज्ञापन से सर्वाइव करने वाले कुछ चैनल गलत खबर चला रहे हैं कि बंद के दौरान Ambulance में एक मरीज़ की पटना लाने के क्रम में मौत हो गई. दरअसल मौत के बाद मृत को पटना से वापस घर ले जाया जा रहा था. Video में साइनबोर्ड देखे Ambulance पटना से हाजीपुर जा रही थी ना कि Vice-versa.

तेजस्वी ने अन्य ट्वीट में कहा कि सरकार की अंध भक्ति में लीन कुछ चैनल्स को झूठ चलाने से पहले ख़बर को सत्यापित करना चाहिए. क्या उन्होंने नकारात्मकता का रायता फैलाने से पहले अपनी सरकार से इसकी प्रशासनिक पुष्टि प्राप्त की थी? नीतीश ज़िंदाबाद के नारों में लीन चैनल और सीएम की प्रचार एजेन्सी का ठेका उठाये चैनल को सत्य नहीं दिखता. राजद कार्यकर्ता मृत को वापस घर ले जा रही एम्बुलेंस को भी रास्ता दिला रहे हैं. चैनल को संबंधित थाने और SDO से सत्य और झूठ इसकी पुष्टि करनी चाहिए.

बता दें कि गुरुवार को राजद ने बिहार सरकार की नई बालू नीति के खिलाफ एक दिन के बंद का आवाहन किया था. इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं से कई जगह स्थानीय लोगों की झड़प भी हुई. राजधानी के डाकबंगला चौराहे पर दोपहर में तेजस्वी-तेजप्रताप खुद भी रघुवंश प्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदर्शन करने उतरे थे. इसी बीच सभी को अरेस्ट कर कोतवाली थाने भी लाया गया था जहां उन्हें थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया. तेजस्वी ने इसको लेकर आज शुक्रवार को भी ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार की बालू नीति और ग़रीब मज़दूरों की रोटी छिनने के विरोध में कल पूरा बिहार बंद था. सड़कों पर संघर्ष करने उतरे तो पुलिस ने हमें गिरफ़्तार कर लिया. गीदड़ भभकीयों से हम से डरने वाले नहीं.

इससे पहले ही बुधवार रात नीतीश सरकार ने इस इस नई बालू नीति को वापस ले लिया था. इस वजह से गुरुवार के बंद के औचित्य पर जदयू-भाजपा ने सवाल उठाये थे. इस बंद के दौरान कई जिलों से लोगों को हुई दिक्कतों की ख़बरें भी आई थी.

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