प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की RLSP नेताओं ने मनाई जयंती, ऐसे दी श्रद्धांजलि

स्त्री शिक्षा के लिए अलख जगाने वाली भारत की प्रथम शिक्षिका राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले की जयंती आज देशभर में मनाई गई. पटना में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेताओं ने भी उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

इस मौके पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुशवाहा, प्रवक्ता धीरज सिंह कुशवाहा, बबन यादव, मोहन यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनोद यादव समेत कई अन्य लोग भी मौजूद रहें.
सावित्री बाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र स्थित सतारा के नायगांव में हुआ था. इन्होंने महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों की लड़ाई में खास योगदान दिया. आज से तकरीबन डेढ़ सौ साल पहले ही सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को पुरुषों के बराबर समान अधिकार दिलाने की बात की थी.




सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ उन्नीसवीं सदी में समाज में महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा, अस्पृश्यता, शुद्धता, बाल विवाह, विधवा और अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष किया था. मजबूत इरादों वालीं सावित्री बाई फुले महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने एक सेंटर की स्थापना की थी, उन्होंने उस सेंटर का नाम ‘ बालहत्या प्रतिबंधक गृह’ रखा. साल 1848 में महाराष्ट्र के पुणे में देश के सबसे पहले बालिका स्कूल की स्थापना की थी.