रालोसपा नेता अभिषेक झा ने सीएम नीतीश पर किया अटैक, बोले- बिहार की सरकार ने नियोजित शिक्षकों को चुनाव से पहले थमा दिया लॉलीपॉप

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: नीतीश सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों को लेकर बड़े फैसले के बाद अब विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है .आरजेडी के बाद अब रालोपा के मुख्य प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा है कि नियोजित शिक्षक कई सालों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे लेकिन नीतीश सरकार ने उनकी कभी नहीं सुनी .

अभिषेक झा ने कहा है कि नियोजित शिक्षकों ने आवाज उठाई तब- तक नीतीश सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया गया. बिहार की सरकार ने नियोजित शिक्षकों को चुनाव से पहले एक लॉलीपॉप थमा दिया है. मगर जिस तरह से नियोजित शिक्षकों की मांग समान काम समान वेतन की है उसे ना पूरा कर बिहार सरकार नियोजित शिक्षकों के भरोसे चुनाव नहीं जीत सकती है. चुनावी लॉलीपॉप देकर नीतीश सरकार बिहार में फिर से सत्ता में आना चाहती है.



अभिषेक झा ने कहा है कि इतने वर्षो से नियोजित शिक्षक अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे. सड़क पर संघर्ष कर रहे थे. लेकिन उस वक्त इसी बिहार की सरकार के द्वारा उनका स्वागत आसू गैस और लाठीचार्ज से किया गया. अब समझ में आया बिहार की सरकार नीतीश जी अपने भाषण में कहते थे कि आपके लिए जो भी करेंगे हम ही करेंगे हमारी सरकार ही करेगी. क्योंकि उनके मन में ये बात थी कि जो भी फैसला लेना होगा चुनाव से पहले लेंगे. ताकि हम उसका लाभ ले सके.

अभिषेक झा ने आगे कहा कि नीतीश सरकार की मंशा इस से साफ जाहिर होती है नियोजित शिक्षकों को तो कुछ अधिकार मिलेंगे जरूर, लेकिन वह अधिकार साल 2021 से प्रभावी होंगे .सरकार इसके पहले जब भी कोई निर्णय लेती है तो निर्णय लेने से उसके प्रभावी होने के बीच की अवधि तक में जो भी एरियल बनता है उसे जोड़ कर दिया जाता है लेकिन सरकार ने इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं किया है . ऐसे में साफ हो जाता है कि नीतीश सरकार का यह फैसला चुनाव में लाभ लेने के लिए लिया गया फैसला है .जिससे नियोजित शिक्षकों को कोई बड़ी राहत नहीं मिलने वाली है.