एडवांटेज केयर वर्चुअल डायलॉग : बोले सबा करीम- खेल पर खर्च हो CSR का कुछ हिस्सा; ईशान किशन-इरफान पठान ने भी दिए सुझाव

लाइव सिटीज, पटना : पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के पूर्व जीएम सैयद सबा करीम ने कहा कि सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिसपांसिबिलिटी) का कुछ हिस्सा खेल पर खर्च करना अनिवार्य किया जाए. इससे खेल और खिलाड़ियों की स्थिति बेहतर होगी. वे एडवांटेज केयर वर्चुअल डायलॉग सीरीज के पांचवें एपिसोड में रविवार को बोल रहे थे. चर्चा का विषय था, ‘खेल पर महामारी का असर’. 12 से एक बजे आयोजित इस चर्चा में सबा करीम के अलावा युवा क्रिकेटर इशान किशन, पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान समेत अन्य दिग्गज लोग शामिल हुए.

सबा करीम ने कहा कि बहुत कम क्रिकेटरों को बीसीसीआई का कांट्रेक्ट मिल पाता है. ऐसे में बीसीसीआई को राज्य और जिला स्तर पर भी क्रिकेटरों के साथ कांट्रेक्ट करना चाहिए. इससे उनकी स्थिति बेहतर होगी और प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने कहा कि खेल और इससे जुड़े संगठनों से जुड़े लोगों को आगे आना चाहिए और खिलाड़ियों को परेशानी से निकालने में हाथ बंटाना चाहिए, ताकि वो अनावश्यक परेशान न हो. कई खिलाड़ी खेल से मिलनेवाली राशि पर ही निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए महामारी ने काफी चुनौती पेश की है. खास कर अंडर-16 और 19 खेलनेवालों के लिए काफी परेशानी है. सबा ने एडवांटेज केयर के पहल की भी सराहना की.

अंडर-19 के करियर पर विचार करे बीसीसीआई: इरफान पठान
दिग्गज क्रिकेट ऑलराउंडर इरफान पठान ने परिचर्चा में कहा कि यह महामारी सुविधा भोगी लोगों के लिए अच्छा रहा. उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिला. लेकिन दूसरे लोगों, जिनके पास सुविधा नहीं है उन्हें जीवन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस महामारी ने उभरते हुए खिलाड़ियों का करियर चौपट कर दिया. खासकर अंडर-19 क्रिकेटरों का तो करियर खत्म हो गया. उनके पास करियर में ब्रेक करने के लिए एक साल ही होता है. ऐसे मे बीसीसीआई को उनके लिए कुछ दूसरे विकल्पों पर विचार करना चाहिए. इरफान ने खिलाड़ियों के लिए संरक्षण की बात की. कहा कि यह उनके लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के जिंदगी का मकसद मैदान में खेलना होता है. यदि वह उनसे छीन जाए तो काफी दिक्कत होती है. हमें खिलाड़ियों को सहयोग और समर्थन देना चाहिए.

पूर्व के मैच का भूल जाता था: ईशान किशन
बिहार से आनेवाले उभरते क्रिकेटर ईशान किशन ने एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर महामारी के पड़े प्रभाव के बारे में परिचर्चा में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की घोषणा के बाद उन्हें सबसे ज्यादा चिंता खुद के डाइट की हुई. खुद को कैसे फिट रखा जाए. इसमें उनके परिवारवालों ने काफी मदद की. ईशान ने कहा कि मैं जब मैच खेलने मैदान में उतरता हूं तो पिछले मैच के बारे में भूल जाता हूं. उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए दो वर्ष बहुत होता है. हालांकि मेरे ख्याल से खेल में यह नहीं सोचना चाहिए कि आगे क्या होगा बल्कि वर्तमान पर फोकस करना चाहिए. दरअसल सोचने पर परेशानी होगी. इससे रिजल्ट प्रभावित होगा, इसलिए न्यूट्रल रहें और अपना होम वर्क जारी रखें. मेरे सबसे बड़े संरक्षक मेरे माता-पिता हैं.

ऑनलाइन देने लगी बॉस्केटबाल की ट्रेनिंग: आकांक्षा सिंह
परिचर्चा में भाग लेते हुए भारतीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व कैप्टन आकांक्षा सिंह ने कहा कि महामारी के दौरान नए खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस कराना चुनौती थी. ऐसे में हमने एक रास्ता निकाला और ऑनलाइन क्लास शुरू की. बॉस्केटबाल जैसे फिजिकल खेल में ऑनलाइन क्लास थोड़ा अटपटा था, लेकिन इसका खिलाड़ियों पर काफी असर पड़ा. वो कम-से-कम खुद को व्यस्त रख पाएं. आकांक्षा ने कहा कि जैसे क्रिकेट का समर्थन मिलता है, उसी तरह अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी समर्थन मिलना चाहिए. आकांक्षा ने कहा कि मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को खुद भी फंड इकट्ठा करना चाहिए.

परिचर्चा में अन्य वक्ताओं ने भी रखी अपनी बात
परिचर्चा में शिरकत कर रहीं गो स्पोर्ट्स फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक दीप्ति बोपायाहा ने कहा कि उनके लिए महामारी बहुत बड़ी चुनौती बन कर आई है. उनके फाउंडेशन से 13 खिलाड़ी पैरा ओलंपिक में भाग लेने के लिए तैयार हैं. इसी तरह 18 खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेंगे. ऐसे में चुनौती थी कि कैसे उनका प्रैक्टिस हो. इससे निबटने को हमने मनौवैज्ञानिकों का सहारा लिया. कार्यक्रम के मॉडरेटर व एलएक्सएल आइडियाज के एमडी व चीफ लर्नर सैयद सुल्तान अहमद ने कहा कि इस परिचर्चा में दो बातें निकल आईं. पहली, खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य कैसे ठीक रहे और दूसरी, उनकी वित्तीय स्थिति कैसे बेहतर रहे.

60 लाख से अधिक लोग जुड़े थे पिछले कार्यक्रम में : खुर्शीद अहमद
एडवांटेज केयर के संस्थापक खुर्शीद अहमद ने बताया कि पिछले रविवार को भी इस तरह की चर्चा हुई थी, जो काफी सफल रही. लोगों ने काफी सराहा. कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया था. इसमें देश के नामचीन लोग हिस्सा लिये थे. 23 हजार लोग कार्यक्रम से सीधे जुड़े, जबकि प्रिंट, इलेट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से 60 लाख लोेगों ने कार्यक्रम में हुई चर्चा के बारे में पढ़ा और जाना. गौरतलब है कि यह चर्चा इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा समर्थित है. इस एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखक और निर्देशक रोशन अब्बास हैं. EEMA पंजीकृत कंपनियों, संस्थानों और पेशेवरों का एक स्वायत्त, गैर-लाभकारी निकाय है, जो भारत के आयोजनों और अनुभवात्मक मार्केटिंग उद्योग के भीतर काम करता है. एडवांटेज केयर की स्थापना एडवांटेज सपोर्ट के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी वर्तमान समस्या को देखते हुए इसी वर्ष किया गया है.