मनोज तिवारी कुर्ता बदलकर गये सासाराम, पर काला झंडा ने नहीं छोड़ा पीछा

सासाराम सफेद तो भभुआ गुलाबी कुर्ते में पहुंचे थे मनोज तिवारी.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मनोज तिवारी के लिए इस बार का बिहार दौरा कुछ ठीक नहीं रहा. रविवार को वे दूसरी बार सवर्ण सेना के शिकार हो गये. वे सासाराम मूड को फ्रेश करके गये थे. कुर्ता बदलकर गये थे, लेकिन सासाराम में भी काला झंडा ने पीछा नहीं छोड़ा. बता दें कि रविवार को वे इसके पहले भभुआ गये थे. वहां सवर्ण सेना ने मनोज तिवारी का जमकर विरोध किया. वहीं सासाराम में भी सवर्ण सेना ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए. गौरतलब है कि मनोज तिवारी कैमूर जिला के ही मोहनियां प्रखंड के अतरवलिया गांव के रहनेवाले हैं.

जानकारी के अनुसार भभुआ में रविवार के अपराह्न मनोज तिवारी गुलाबी कुर्ते में पहुंचे थे. वे भाजयुमो के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गये थे. लोगों को उनके आने की बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. लेकिन उन्हें पता नहीं था कि सवर्ण सेना के लोग भी मनोज तिवारी के आने की उसी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मनोज तिवारी के वहां पहुंचते ही नगरपालिका गेट के सामने सड़क पर उनके काफिले को रोक दिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे. वे सब एसएसी/एसटी एक्ट का विरोध कर रहे थे.

यहां से किसी तरह मामला सलटा तो शाम में वे इन वाकये को भूलते हुए सासाराम पहुंचे. सासाराम वे सफेद लकदक कुर्ता पहनकर गये. लेकिन अंदाजा नहीं था कि यहां भी सवर्ण सेना उसी तरह की तैयारी कर रखी है. मनोज तिवारी की गाड़ी को देखते ही सवर्ण सेना का आक्रोश तेज हो गया और गो बैक के नारे लगाने लगे. इसके बाद किसी तरह लोगों ने माहौल को शांत किया और प्रदर्शनकारी गये. इसके बाद वे कार्यक्रम में शरीक हुए.

सासाराम में भी सवर्ण सेना के लोगों ने मनोज तिवारी को दिखाया काला झंडा.

गौरतलब है कि एसएसी/एसटी एक्ट को लेकर सवर्ण सेना का आंदोलन जारी है. पिछले दिनों उसका भारत बंद भी काफी असरदार रहा था. इसके बाद सवर्ण सेना ने फैसला किया है कि वे सत्ताधारी सांसदों का विरोध करेंगे. इसी कड़ी में रविवार को ही भाजपा के बिहार अध्यक्ष नित्यानंद राय का विरोध किया. नित्यानंद राय सीतामढ़ी के रीगा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे कि सवर्ण सेना से उनका पाला पड़ गया.

अब मनोज तिवारी हुए सवर्ण सेना के शिकार, भभुआ में दिखाया काला झंडा, लगे मुर्दाबाद के नारे

बता दें कि काला झंडा दिखाने का सिलसिला अश्विनी चौबे से शुरू हुआ है. दो दिन पहले भागलपुर के नवगछिया रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री बीजेपी नेता अश्विनी चौबे का सवर्ण सेना के कार्यकर्ताओं ने घेराव किया तथा उन्हें काला झंडा दिखाया. ये लोग एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण व्यवस्था का विरोध कर रहे थे. भीड़ ने मंत्री की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया और बाहर निकलने में अश्विनी चौबे को नाको चने चबाने पड़े. इसी तरह शनिवार 29 सितंबर को मधुबनी में सवर्ण सेना ने काला झंडा दिखाया. उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई.

भभुआ में भाजपा सांसद मनोज तिवारी व बाएं काला झंडा दिखाते सवर्ण सेना के लोग

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