लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : हमको जेल भेज दीजिए सर. कम से कम वहां हमको खाना और पानी मिलेगा. कई दिन से खाना नहीं खाए हैं. बहुत भूखे हैं. खाने को कुछ भी नहीं मिला है. बहुत परेशान हो गए हैं. कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें? ये बातें उस भूखे युवक की है, जो लॉकडाउन हो जाने की वजह से अपने घर नहीं पहुंच सका. वो पिछले-तीन चार दिनों से पटना में ही फंसा है. वो रात के दो बजे पैदल ही चला जा रहा था. डा. आरएन सिंह मोड़ के पास रात के अंधेरे और सन्नाटे के साये में अकेले युवक पर पुलिस की नजर पड़ी.

सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कंकड़बाग के थानेदार ने युवक को रोक लिया. जब उससे पूछताछ की तो युवक फफक कर रो पड़ा. उसने सीधे कहा कि सर मुझे जेल भेज दीजिए. कई दिन से खाए नहीं हैं. कम से कम जेल में मुझे खाने को तो मिलेगा. ये बात सुनकर थानेदार भी हैरान हो गए. उसी वक्त थानेदार मनोरंजन भारती और उनके साथ मौजूद पुलिस टीम ने युवक के खाने का इंतजाम किया. सबसे पहले उसकी भूख मिटाई. फिर युवक से बात की. तब उसने अपनी पहचान बताई. युवक का नाम फिरोज है. यह पुणे में रहकर काम करता था. फिरोज झारखंड के देवघर का रहने वाला है. स्पेशल ट्रेन से वो पुणे से दानापुर आया था. जब देवघर जाने के लिए उसे कुछ भी नहीं मिला तो दानापुर के प्लेटफॉर्म पर रहा. लेकिन बाद में उसे वहां से भगा दिया गया.

इसके बाद वो किसी मस्जिद में गया था. वहां भी उसे किसी ने शरण नहीं दी. वो फुटपाथ पर रहा. भूखा-प्यासा रहा. जब कोई उम्मीद नहीं दिखी तो वो पैदल ही देवघर जा रहा था. हालांकि लगातार भूखे होने की वजह से उसकी हालत खराब होने लगी थी. ऐसे में इंस्पेक्टर मनोरंजन भारती उसके लिए एक बड़े मददगार बने. अब फिरोज पैदल देवघर जाने की जगह करबीगहिया इलाके में एक स्थान पर रह रहा है. गुरुवार को भी मनोरंजन भारती ने फिरोज के खाने-पीने का इंतजाम कराया.

पानी के लिए परेशान था ये परिवार

थानेदार खुद पहुंच गए पानी पहुंचाने

संकट के इस घड़ी में कई प्रकार की परेशानियां है. कंकड़बाग के ही पीसी कॉलोनी के ए—36 में एक परिवार ऐसा है, जिसके पास पीने के लिए पानी नहीं था. घर में पति—पत्नी और बेटी थी. लॉकडाउन की वजह से ये अपने घर से बाहर नहीं निकल सकते थे. जार वाले पानी की सप्लाई भी पूरी तरह से बंद है. ऐसे में रेणूका दास और उनका परिवार टंकी के पानी को उबाल कर पी रहे थे. लेकिन गुरूवार को अखबार में जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर को देख कर रेणूका दास ने कंकडबाग थानेदार मनोरंजन भारती को कॉल किया. इनकी परेशानियों को जानने के बाद कुछ मिनटों में ही वो थाना में पुलिस वालों के लिए रखे पानी को लेकर महिला के घर पहुंच गए. परेशान परिवार की मदद की. पुलिस इंस्पेक्टर के इस रिस्पांस को देख परिवार के सारे लोग काफी खुश हैं. इसके साथ ही थानेदार ने कंकड़बाग इलाके में पानी की सप्लाई करने वाले को कॉल कर अपनी व्यवस्था को जारी रखने को कहा है.

अपनी गाड़ी से भिजवाया हॉस्पिटल

80 साल की एक महिला पैदल ही नांलदा से आ रही थी. महिला का पोता बेहद बीमार है और पीएमसीएच में एडमिट है. महिला अपने पोता को देखना चाहती थी. इसलिए वो लॉकडाउन में भी पैदल ही पटना आ गई. मनोरंजन भारती ने थाना की गाड़ी से महिला को हॉस्पिटल पहुंचवाया. इंस्पेक्टर मनोरंजन भारती के इन कामों को सरहाने की जरूरत है. साथ ही इनसे पटना पुलिस के दूसरे अफसर और जवानों को सीखने की.