लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर बिहार सरकार के द्वारा आहुत मानव श्रृंखला पर आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने प्रतिक्रिया दी है. शत्रुघ्न साहू ने कहा कि जिस तरह से सरकारी मशीनरी को मानव श्रृंखला के लिए लगाया गया वो पूरी तरह से उर्जा, समय तथा धन की निरूद्देश्य बर्बादी है.

शत्रुघ्न साहू ने कहा कि प्रदूषण के बढते कुप्रभाव के दौर में जनजीवन हरियाली के लिए कुछ करना अच्छी पहल हो सकती है. लेकिन सारी सरकारी मशीनरी को झोंक कर छोटे छोटे बच्चों को कतार में खड़ा कर कर्मचारियों तथा निजी विद्यालयों और संस्थानों को धमका कर जनजीवन हरियाली के प्रति लोगों के मन में नाकारत्मकता तथा घृणा पैदा किया है.

साहू ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता के लिए सरकार ने जनजीवन हरियाली जैसे गंभीर एवं चुनौती पुर्ण मुद्दे को गर्त में धकेलने का कार्य किया है. अत्यधिक वर्षा और बाढ के समय सहायता के लिए पटना सहित बिहार की जनता हेलीकॉप्टर के लिए तरसती रही. लेकिन सरकार का मन नहीं पसीजा और अब अपने तुगलकी फरमान को ब्रांडिंग व वीडियोग्राफी कराने के लिए पंद्रह-पंद्रह हेलीकॉप्टर मंगाया जाना बिहार की गरीब जनता के साथ क्रूर मजाक है.

शत्रुघ्न साहू ने कहा कि सुशासन का नारा देकर सत्ता में आने वाली नीतीश सरकार जनादेश के साथ न्याय नहीं कर रही है. आज सरकार को मंहगाई, बेरोजगारी और गिरती कानून व्यवस्था से निजात दिलाने के लिए कर्मचारी, अधिकारी तथा नेताओं का मानव श्रृंखला बनाना चाहिए. बिहार की जनता सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली से त्रस्त है और नीतीश सरकार अपने अहंकार में मस्त है.

शत्रुघ्न साहू ने कहा कि बिहार की जनता ने इस मानव श्रृंखला को पूरी तरह से नकार दिया है. मानव श्रृंखला के दौरान दरभंगा में एक शिक्षक की मौत हो गई. मृतक शिक्षक की पहचान मोहम्मद दाऊद के रूप में की गयी है जो उर्दू विद्यालय के शिक्षक थे. उन्होंने कहा, आने वाले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार और सुशील मोदी की डबल इंजन की सरकार को जनता जबाब देगी.