श्रेयसी कभी अपने पिता की अंगुली पकड़ कर जाती थी घुमने के लिए, आज वहां पहुंची चीफ गेस्ट बनकर; भाव विह्वल हो गयीं मां

लाइव सिटीज, राजेश ठाकुर : यह बहुत ही भावुक कर देने वाला क्षण था. एक बेटी के लिए भी और मां के लिए भी. मां भाव विह्वल के साथ ही काफी भावुक भी हो गईं. उन्होंने इसे अपने समर्थकों के साथ शेयर भी कीं. सोशल एकाउंट पर शेयर किये गये पोस्ट से इसे महसूसा जा सकता है. दरअसल, यह पूरा वाकया स्वतंत्रता दिवस का है. पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की पुत्री व जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह दिल्ली में महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज की चीफ गेस्ट थीं. इस दुर्लभ क्षण को देखकर श्रेयसी की मां पुतुल कुमारी की आंखें डबडबा गयीं और उन्होंने अपनी भावना को सोशल एकाउंट पर शेयर किया.

दरअसल, बांका के सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनका निधन 2010 में 24 जून को हुआ था. उन्होंने लंदन में अंतिम सांस ली थी. उस समय वे राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की एक बैठक में भाग लेने गए हुए थे. तबीयत बिगड़ जाने के बाद 10 जून को उन्हें वहां के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया था. दिग्विजय सिंह की खेलों में भी गहरी रुचि थी और वे 1999 में भारतीय शूटिंग संघ के अध्यक्ष बने थे और अंतिम सांस तक इस पद पर बने रहे. वे राइफल एसोसिएशन से भी काफी सक्रिय रूप से जुड़े रहे.

दिग्विजय सिंह भारतीय शूटिंग संघ के अध्यक्ष होने के नाते महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में हमेशा जाते रहे थे. हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वे शामिल होते थे. दिग्विजय बाबू के साथ उनकी पुत्री श्रेयसी भी कार्यक्रम में शामिल होने जाती थीं. उस समय श्रेयसी काफी छोटी थी. लेकिन उसी महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में श्रेयसी सिंह 15 अगस्त को चीफ गेस्ट बनकर गयीं और तिरंगे को फहराया भी. इसे देखकर उनकी मां काफी भावुक हो गईं और अपनी भावना को फेसबुक पर शेयर किया.

श्रेयसी की मां व बांका की पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने सोशल एकाउंट लिखा है- ‘श्रेयसी आज महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में मुख्य अतिथि बनकर धवजारोहन करने गयीं. मेरे लिए खुशी एवं गर्व की अनुभूति हो रही है. दिल्ली में भारतीय खेल प्राधिकरण के द्वारा संचालित करणी सिंह शूटिंग रेंज में श्रेयसी ने अपने दाऊ साहब (पापा) की अंगुली पकड़ कर शूटिंग को देखा. शूटिंग ने अभिनव बिंद्रा, राजवर्धन सिंह राठौड़, जयपाल राणा जैसे कई सितारे खेल जगत को दिये. सभी से प्रेरणा लेकर हमारे सपनों को अपना बना कर शूटिंग की दुनिया में उतर पड़ी. आज उसी रेंज पर अपने खेल परिवार के बीच जाकर बिताए हुए लम्हों को आप सभी के साथ साझा कर रही हूं. दादा जहां भी हैं, वहीं से आनंदित हो रहे हैं.’

बता दें कि इस बार श्रेयसी सिंह को बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में जमुई से अपना उम्मीदवार बनाया था और इस कसौटी पर वह खरी उतरीं. चुनाव जीत गयीं. विधायक बन गयीं. अर्जुन पुरस्कार विजेता श्रेयसी सिंह निशानेबाजी में 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. इससे पहले 2014 में उन्होंने डबल ट्रैप शूटिंग में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. वह 2013 में मेक्सिको में हुए शूटिंग वर्ल्ड कप में श्रेयसी बिहार की पहली बेटी हैं, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला है.