बोधगया में विशेष पूजा का आयोजन, 2500 साल पहले भी इससे बची थी हजारों जानें

लाइव सिटीज, गया : बिहार में इंसेफ्लायटिस से बच्चों और लू से हो रही मौत पर रोक की कामना व मृत लोगों की आत्मशांति के लिए बोध गया में विशेष पूजा की जा रही है. पूजा का मकसद समय पर बारिश की कामना है जिससे उक्त बीमारी की रोकथाम हो, साथ ही भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिले. बोधगया के साधना केंद्र में दर्जनो बौद्ध भिक्षुयों ने यह विशेष पूजा अर्चना की है.

इस विशेष पूजा के बारे में एक बौद्ध भिक्षु चंद्रमणि ने बताया कि हमने बिहार में इंसेफ्लाइटिस से हो रही बच्चो की मौत तो वंही प्राकृतिक आपदा लू लगने से हो रही मौत में मृत लोगो की आत्मशांति तथा जल्द मानसून आने की कामना की है, ताकि धरती पर रह रहे सभी जीव जंतु जीवित रहे. साधना केंद्र में आयोजित इस विशेष पूजा में दर्जनों बौद्ध भिक्षु व बाल बौद्ध भिक्षु शामिल हुए.

बौद्ध भिक्षुओं ने यह भी बताया कि आज से 2500 साल पहले वैशाली में अज्ञात कारणों से लोगो की जाने जा रही थी, तो उस वक़्त भी सुतपाठ कर विशेष पूजा की गयी थी. इसके बाद वंहा की स्थिति नियंत्रण में आई थी. वर्तमान में बिहार में हो रही मौत को रोकने के लिए भगवान बुद्ध के समक्ष सुतपाठ कर यह विशेष पूजा की गयी है. साथ ही बिहार सरकार को इस घटना पर विसेष ध्यान देने की अपील भी की गयी है.

6 जिलों में धारा 144 लागू

बता दें कि बिहार में लू का कहर लगातार जारी है. इसको देखते हुए 6 जिलों में डीएम ने धारा 144 लागू कर दिया है. लू के चलते सूबे में अभी तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग अस्पतालों में भर्ती है. सरकार द्वारा लोगों को बचाने के लिए जहां राहत और बचाव का काम जारी है वहीं कई जिलों में धारा 144 लगा दी गई है.

सोमवार को गया जिले में डीएम ने धारा 144 लागू किया गया था. आज बिहार के अन्य 5 जिलों में भीषण गर्मी को देखते हुए धारा 144 लागू कर दिया गया है. इन जिलों में शामिल है – बेगूसराय, दरभंगा, जहानाबाद, गोपालगंज, मधुबनी और सीतामढ़ी शामिल है. बताया जा रहा है कि इस आदेश के तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सरकारी और गैर-सरकारी निर्माण पर रोक लगाई गई है. साथ ही 11 बजे से शाम 4 के बीच खुले जगहों पर समारोह आयोजित कराने पर भी रोक लगा दी गई है.

AES से अबतक 107 बच्चों की मौत

इधर मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है. यह आकड़ा अब 100 के पार हो चुका है. बताया जा रहा है कि चमकी बुखार से अब तक कुल 107 बच्चों की मौत हो चुकी है. और यह आकड़ा दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है.  बहरहाल मौतों के इस सिलसिले के 17 दिन बाद ही सही, सूबे के सीएम नीतीश कुमार आज हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंच रहे हैं.

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