बोले सुशील मोदी : प्रॉब्लम से निजात दिलाने क लिए IIT स्टूडेंट्स करें नये-नये अनुसंधान

पटना के बिहटा में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आईआईटी पटना के बिहटा कैम्पस में आयोजित ‘स्टार्ट अप मास्टर क्लास’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आईआईटी के छात्रों का आह्वान किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में नए-नए अनुसंधान (INNOVATION) करें, ताकि ‘साॅल्व फाॅर बिहार’ और ‘साॅल्व फाॅर इंडिया’ (SOLVE FOR BIHAR & SOLVE FOR INDIA) के तहत इन क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान किया जा सके.

उन्होंने कहा कि भारत चौथी औद्योगिक क्रान्ति के लिए तैयार है, उसमें आईआईटी पटना के स्टार्ट अप की बड़ी भूमिका होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार की स्टार्ट अप नीति-2016 में 500 करोड़ करप्स फंड का प्रावधान किया गया है. प्रत्येक स्टार्ट अप को अधिकतम 10 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण 10 वर्षों के लिए प्रदान किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि एसएमई कलस्टर एवं हब में स्टार्टअप के लिए 10 प्रतशत स्थान आरक्षित रहेगा तथा 3 वर्षों के लिए मुफ्त में स्थान उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न अधिनियमों के अन्तर्गत लाइसेंस में भी 5 वर्षों की छूट दी जायेगी. स्टार्ट अप नीति के तहत अब तक 57 प्रमाणीकृत स्टार्ट अप को 1 करोड़ 88 लाख रुपये का बीजधन का भुगतान किया गया है.

उन्होंने कहा कि 5442 आवेदनों की समीक्षा के उपरांत 931 आवेदकों को आईआईटी पटना सहित 15 इन्क्यूबेटर संस्थानों के साथ सम्बद्ध किया गया है. बिहार व केन्द्र सरकार 15 करोड़ की लागत से आईआईटी पटना के परिसर में 30 हजार वर्गमीटर का दो मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर का निर्माण करा रही है, जहां ‘इलेक्ट्राॅनिक सिस्टम डिजायन एंड मैन्युफैक्चरिंग’ (ELECTRONIC SYSTEM DISIGEN & MANUFACTURING) और विशेषकर मेडिकल इलेक्ट्राॅनिक्स (MEDICAL ELECTRONICS) हेतु 50 इन्क्यूबेटर को स्थान उपलब्ध कराये जाएंगे.

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