सुशील मोदी ने कहा- बिहार में बूथ लूटकर राज करने वालों के दिन लदे

हाजीपुर की सभा में उपमुख्यमंत्री

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में इस बार 2014 से भी तेज लहर देख कर महामिलावटी गठबंधन के लोग सम्भावित हार पर जनता से मुंह छिपाने का बहाना ढूंढ रहे हैं, इसलिए ईवीएम पर सवाल उठाते हैं. ईवीएम से चुनाव कराने में बेइमानी की गुंजाइश खत्म हो गई, लेकिन इससे उन लोगों को परेशानी हुई, जिन्होंने बूथ लूट कर बिहार में 15 साल राज किया.

उनके चाहने से दुनिया बैलेट पेपर, बैलगाड़ी और लालटेन के दौर में नहीं लौट जाएगी.  जब कांग्रेस तीन राज्यों में विधानसभा का चुनाव जीती, तब इन दलों ने ईवीएम के मुद्दे पर चुप्पी साध ली थी.  चुनाव आयोग ने ईवीएम को टैम्परिंग प्रूफ पाया और इसे हैक कर दिखाने की खुली चुनौती दी, लेकिन कोई भी दल आयोग की चुनौती स्वीकार नहीं कर सका.

इस मुद्दे पर आयोग पहुंचे लोगों में ईवीएम चोर में शामिल था. हाल में सुप्रीम कोर्ट ने हर विधान सभा क्षेत्र के पांच बूथों की पर्ची मिलाने का जो आदेश दिया है, उस पर भी उन्हें भरोसा क्यों नहीं है? जो लोग संविधान बचाने का नाटक करते हैं, वे ही चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर संदेह कर इनकी विश्वसनीयता नष्ट कर रहे हैं. ऐसे हथकंडों से वे जनमत की आंधी नहीं रोक पाएंगे.

कांग्रेस ने देश में 55 साल तक इंस्पेक्टर राज लागू कर व्यापारियों- दुकानदारों को परेशान किया और बिहार में अपराधियों की पीठ पर हाथ रख कर राजद ने 15 साल तक रंगदारी-अपहरण- हत्या की घटनाओं से व्यापारियों को तबाह किया. दूसरी तरफ एनडीए सरकार ने अपराध पर अंकुश लगाया और कारोबार को सुगम बनाया. अबकी बार हमारी सरकार किसानों-व्यापारियों को पेंशन देंगी. व्यापारियों का 10 लाख तक का दुर्घटना बीमा कराया जाएगा और केसीसी की तरह व्यापारी क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नीम कोटेड यूरिया से खाद की किल्लत दूर की, उपज का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाया, गांवों तक बिजली पहुंचायी और बिहार के 40 लाख किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि के रुपये भेजना शुरू किया.  अबकी बार हमारी सरकार किसानों को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण देगी और 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने के उपाय करेगी. जिन्होंने किसानों-व्यापारियों के लिए कुछ नहीं किया वे किस मुंह से उनका वोट मांग रहे हैं?

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