बीसीए से निलंबित सचिव संजय कुमार पर लगा पूर्णविराम और एक वर्ष तक क्रिकेटिंग गतिविधियों से रहेंगे दूर

लाइव सिटीज, पटना : बीसीए से निलंबित सचिव संजय कुमार पर लगा पूर्णविराम. वे एक वर्ष तक क्रिकेटिंग गतिविधियों से दूर रहेंगे. बीसीए नैतिक अधिकारी ने निलंबित सचिव पर लगे आरोपों को सही पाया और सदन द्वारा की गई बर्खास्तगी को सही ठहराया है. इस बाबत रविवार को बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक कृष्णा पटेल प्रेस बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि बिहार क्रिकेट संघ से निलंबित सचिव संजय कुमार पर दर्ज कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के दो मामलों में सुनवाई करते हुए बिहार क्रिकेट संघ के नैतिक अधिकारी सह लोकपाल (अवकाश प्राप्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) राघवेंद्र प्रसाद सिंह ने कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के मामलों में दोषी पाया और संघ के सीओएम एवं आम सभा के सदन में लिए गए निर्णय को सही ठहराया. उन्होंने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि निलंबित सचिव संजय कुमार ने पद का दुरुपयोग कर अपने बेटे को वर्ष 2019 में विजय हजारे टीम में शामिल किया था. इसलिए निलंबित सचिव को बर्खास्त किया जाता है और एक वर्ष के लिए क्रिकेटिंग गतिविधियों से भी अलग रहने का आदेश जारी किया जाता है.

कृष्णा पटेल में कहा कि बिहार क्रिकेट संघ के वार्षिक आमसभा की बैठक में निलंबित सचिव संजय कुमार पर पद का गलत इस्तेमाल करने और वर्ष 2019 राष्ट्रीय चयनकर्ताओं द्वारा बिहार के चयनित विजय हजारे की टीम में छेड़छाड़ कर पिछले दरवाजे से पद का गलत इस्तेमाल कर अपने बेटे को टीम में शामिल कराने का आरोप लगा था और सदन ने सभी आवश्यक कार्यवाही करते हुए दोषी ठहराते हुए सचिव संजय कुमार को निलंबित कर दिया था. उसके बाद यह मामला बीसीए के नैतिक अधिकारी सह लोकपाल के न्यायालय में पहुंची, जिस पर आज सुनवाई करते हुए नैतिक अधिकारी ने निलंबित सचिव संजय कुमार पर लगे सभी आरोपों में दोषी पाया है और आज निलंबित सचिव के कार्यकाल पर पूर्णविराम लगाते हुए एक वर्ष तक क्रिकेटिंग गतिविधियों से भी अलग रहने का फरमान जारी कर दिया है.

उन्होंने कहा कि इससे पहले निलंबित सचिव संजय कुमार आज तक अपने द्वारा किए गए अनैतिक कार्यों को अस्वीकार करते रहे और जिला संघों व खिलाड़ियों को दिग्भ्रमित कर अपने आपको सचिव मानते रहे हैं. जबकि 31 जनवरी 2020 को ही बीसीए के हुए वार्षिक आमसभा की बैठक में सदन द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि असंवैधानिक तरीके से अपने पद का गलत इस्तेमाल करने वाले सचिव संजय कुमार को बर्खास्त कर दिया जाए और कार्यकारी सचिव का कार्यभार बीसीए के संयुक्त सचिव कुमार अरविंद को सौंप दिया जाए. जिससे बीसीए के खेल गतिविधि पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव ना पड़े. लेकिन बीसीए की सदन से निलंबित सचिव संजय कुमार अहंकार में आकर एक साजिश के तहत सदन द्वारा निलंबित दस्तावेज को छुपाकर बैंक के साथ साजिश कर के बीसीए के बैंक अकाउंट को बंद कराकर खेल और खिलाड़ियों के विकास कार्य में बाधा उत्पन्न किया और बीसीसीआई को भी गुमराह करने का प्रयास किया. लेकिन आज जारी आदेश से यह स्पष्ट हो चुका है कि निलंबित सचिव संजय कुमार के कार्यकाल पर अब पूर्णविराम लग चुका है.

बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, कार्यकारी सचिव कुमार अरविंद, कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह, जिला प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह, बीसीए के पूर्व सचिव सह पटना जिला संघ के सचिव अजय नारायण शर्मा, टूर्नामेंट कमेटी के चेयरमैन संजय सिंह, सीईओ मनीष राज, बीसीएल के चेयरमैन सोना सिंह, संयोजक ओमप्रकाश तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है.