लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  माध्यमिक शिक्षक संघ ने पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी के उस आदेश की कड़ी आलोचना की है और रोष व्यक्त किया है जिसमें कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में कार्य अवधि में शिक्षक अनावश्यक रूप से बैठे रहते हैं. जिसके कारण कार्यालय का कार्य प्रभावित हो रहा है.

पटना प्रमंडल माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव चंद्रकिशोर कुमार व पटना जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव सुधीर कुमार ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय कोई दर्शनीय स्थल या पार्क नहीं है. जहां शिक्षक सुदूर क्षेत्रों से अपना पैसा खर्च कर यहां आकर बैठते हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी पटना तथा उनके अधीनस्थ पदाधिकारियों द्वारा प्रत्येक दिन फरमान जारी कर विद्यालयों से कभी कोई आंकड़ा, प्रपत्र, सीडी, अभिलेख, कागजाताओं, पंजी आदि मांग उनके कार्यालय में उपस्थापित या जमा करने का निर्देश दिया जाता है. चूंकि अधिसंख्य विद्यालयों में लिपिक व आदेशपाल नहीं है इस कारण उनके कार्य शिक्षक को करना पड़ता है और जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में मजबूरन जाना पड़ता है. इस तरह शिक्षक उनके कार्यालय के कार्य से ही तथा कार्यालय के सहयोग के लिए ही आते हैं.

उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की कार्यशैली के कारण शिक्षकों के वेतन, सेवांत लाभ, पे फिकसेशन सहित अधिकांश काम लंबित रहने के कारण ही शिक्षकों को उनके कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने कार्यालय की कार्यशैली और कार्यों के जल्द निष्पादन पर ध्यान न देकर अपने विफलताओं तथा अनावश्यक कार्यों को विलंब करने की प्रणाली पर पर्दा डालने के लिए इस तरह के मनगढ़त आरोप लगाना निंदनीय है.

उन्होंने कहा कि इस तरह के तुगलकी आदेश अविलंब वापस लिया जाए और शिक्षकों पर बेवजह आरोप लगाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी माफी मांगें.