पटना: बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव डॉ सुरेश प्रसाद राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों व कर्मचारियों को कार्यरत अवधि के बकाये वेतन के भुगतान व चल रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त कराने की गुहार लगाई है.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से चल रही जंग में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम में बिहार का शिक्षक समुदाय आपके साथ है. इस विपदा की घड़ी में हम सभी ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं.

उन्होंने लिखा है कि 17 फरवरी से प्राथमिक शिक्षक व 25 फरवरी से माध्यमिक शिक्षक अपनी न्यायोचित मांग के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. सेवा संगठन को अपनी मांगों के लिए विधिवत सूचना देकर संघर्ष करने का संवैधानिक अधिकार है.

शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के द्वारा कोषागार में आवंटन उपलब्धता के बावजूद कार्यरत अवधि (जनवरी व फरवरी में हड़ताल पूर्व दिवस तक) के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है. इस आपदा में वर्तमान समय में भी हड़ताली शिक्षक बढ़ चढ़कर अपनी भूमिका अदा कर जनमानस की सेवा में संलग्न हैं.

राज्य सरकार के द्वारा विभिन्न पेंशन धारियों को तीन महीने का अग्रिम दिया जाना, विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के अग्रिम भुगतान का निर्णय व स्वास्थ्य सेवा जुड़े लोगों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है वहीं प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान न होना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है.

आपके द्वारा निजी क्षेत्र में भी सभी कर्मियों को कार्यालय ना आने पर भी बिना वेतन कटौती के वेतन भुगतान का आदेश दिया गया है. अन्य प्रकार से भी कामगार सहित आम नागरिकों को मदद की जा रही है. वहीं राज्य के शिक्षकों को वेतन न भुगतान होने के कारण खेदजनक है. इस हड़ताल अवधि में प्राथमिक से लेकर उच्च विद्यालय के कई शिक्षकों को ह्यदय व मतिष्क  आघात के कारण आकस्मिक काल के कगाल में समा गये.

अंत में संयुक्त सचिव डॉ सुरेश प्रसाद राय ने प्रधानमंत्री से नम्र निवेदन करते हुए लिखा है कि विभीषिका की इस घड़ी में शिक्षक कर्मियों के कार्यरत अवधि के वेतन भुगतान के लिए समुचित निदेश देते हुए अपनी न्यायोजित मांग हेतु संघर्षरत शिक्षकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल को सम्मानजनक वार्ता के माध्यम से समाप्त करने हेतु पहल करने की कृपा करें.